PM Modi's Somnath Temple Visit: पीएम मोदी आज पहुंचेंगे गुजरात, सोमनाथ मंदिर में आयोजित 'ओमकार मंत्र' जाप में हिस्सा लेंगे, जानिए पूरा कार्यक्रम

‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारत के उन नागरिकों की याद में आयोजित किया जा रहा है जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया और भावी पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रभावित करते आए हैं.

Published date india.com Published: January 10, 2026 9:11 AM IST
(फाइल फोटो)
(फाइल फोटो)

PM Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 से 12 जनवरी तक गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर होंगे. इस दौरान पीएम सोमनाथ मंदिर में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ और राजकोट में ‘वाइब्रेंट गुजरात’ क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री सोमवार को अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से भी मिलेंगे. जर्मन चांसलर के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे और साबरमती नदी तट पर आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में हिस्सा लेंगे.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यक्रम

तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 जनवरी को सोमनाथ पहुंचेंगे. वह रात को करीब आठ बजे सोमनाथ मंदिर में ओंकार मंत्र के जाप में शामिल होंगे और फिर ड्रोन शो देखेंगे. प्रधानमंत्री रात को सोमनाथ में ही रुकेंगे.

प्रधानमंत्री 11 जनवरी को सुबह लगभग 9:45 बजे शौर्य यात्रा में हिस्सा लेंगे. इस यात्रा का आयोजन सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए किया जाएगा. शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकाला जाएगा जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा.

11 जनवरी को सुबह 10:15 बजे पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर में दर्शन और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे. सुबह 11:00 बजे सोमनाथ में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. दोपहर 2:00 बजे राजकोट में ‘रीजनल वाइब्रेंट समिट’ का उद्घाटन करेंगे. शाम 5:15 बजे अहमदाबाद मेट्रो फेज-2 का उद्घाटन करेंगे. यह उद्घाटन महात्मा मंदिर मेट्रो स्टेशन पर संपन्न होगा.

प्रधानमंत्री गांधीनगर स्थित राजभवन में रुकेंगे. 12 जनवरी को जर्मनी के चांसलर के साथ मुलाकात और महात्मा मंदिर में ‘द्विपक्षीय बैठकें’ आयोजित होंगी. र्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ बातचीत के दौरान 65 हजार करोड़ की सबमरीन डील पर भी चर्चा हो सकती है. भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के हाल ही में 25 साल पूरे हुए हैं.

क्या है ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’

‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारत के उन नागरिकों की याद में आयोजित किया जा रहा है जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया और भावी पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रभावित करते आए हैं. यह कार्यक्रम साल 1026 में महमूद गजनी के सोमनाथ मंदिर पर हमले के 1,000 साल पूरे होने पर आयोजित किया जा रहा है.

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कार्यक्रम से जुड़े आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पिछली शताब्दियों में सोमनाथ मंदिर को नष्ट करने के कई प्रयासों के बावजूद आज यह मंदिर आस्था और राष्ट्रीय गौरव के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में खड़ा है. इसमें कहा गया है कि मंदिर की जीर्णोद्धार यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक 1951 में हासिल हुई जब मूल स्वरूप में बहाल किए गए सोमनाथ मंदिर के दरवाजे तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में औपचारिक रूप से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. आजादी के बाद मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रयास सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया था. 2026 में इस ऐतिहासिक जीर्णोद्धार के 75 साल पूरे होने से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का महत्व और भी बढ़ गया है.

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