परिसीमन में किसी राज्य के साथ नहीं होगा भेदभाव, ये मोदी की गारंटी- लोकसभा में बोले PM, 10 बड़ी बातें

पहले आम चुनाव के समय लोकसभा सीटों की संख्या 489 थी. 1971 की जनगणना के आधार पर 1976 में पहली बार परिसीमन हुआ. इसके बाद लोकसभा सीटों की संख्या 522 बढ़कर 543 हो गई. अब सरकार परिसीमन के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या 850 कर सकती है.

Published date india.com Updated: April 16, 2026 4:23 PM IST
परिसीमन में किसी राज्य के साथ नहीं होगा भेदभाव, ये मोदी की गारंटी- लोकसभा में बोले PM, 10 बड़ी बातें
Prime Minister Narendra Modi (PTI Image)

संविधान के 131 संशोधन विधेयक 2026 के जरिए लोकसभा और विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी. इस संशोधन बिल के तहत लोकसभा की सीटें 545 से बढ़ाकर 850 तक करने का प्रस्ताव है. बिल पर चर्चा के लिए सरकार ने गुरुवार (16-18 अप्रैल तक) से संसद का विशेष सत्र बुलाया है. आज महिला आरक्षण बिल और परिसीमन को लेकर सदन में तीखी बहस हुई. परिसीमन को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर अपनी राय रखी. उन्होंने परिसीमन को लेकर भेदभाव नहीं होने की गारंटी भी दी है.

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आइए जानते हैं लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या-क्या कहा?

1.नीयत में खोट को नारी शक्ति नहीं करेगी माफ
PM मोदी ने गुरुवार को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर कहा, “हमारे देश में जब जब चुनाव आया है, उसमें महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है. उसका हाल बुरे से बुरा किया है. उन्हें कभी माफी नहीं मिली.”

2.महिला आरक्षण को राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं
मोदी ने कहा, “जिनको भी इसमें राजनीति की बू आ रही है वो खुद के परिणामों को देख लें. इसी में फायदा है जो नुकसान हो रहा है उससे बच जाओगे. महिला आरक्षण को राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है. इसलिए हमारी नीयत की खोट को देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी.”

3.आरक्षण नारी शक्ति का हक
मोदी ने कहा, “हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं. ये उनका हक है. हमने कई दशकों से उसको रोका है. आज उसका प्रायश्चित करके उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है. हम सब जानते हें कि कैसे चालाकी चतुराई की है. हम इसके पक्ष में ही हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई टेक्निकल पूंछ लगाकर रोक दिया गया.”

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4.मेरा स्वार्थ नहीं, आपको क्रेडिट चाहिए तो ले लो
मोदी ने विपक्ष से कहा- “महिला आरक्षण पर आपको करना नहीं था, इसलिए बहाने लगा दिए. अब देश की नारी को नहीं समझा पाओगे. सदन में नंबर का खेल तो बाद में सामने आएगा. हमें क्रेडिट नहीं चाहिए. जैसे ही महिला आरक्षण बिल पारित हो जाए, तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं. सबकी फोटो छपवा देंगे. ले लो जी क्रेडिट. सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं.”

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5.देश निर्णय से ज्यादा हमारी नीयत देखेगी
मोदी ने कहा- “इतना बड़े वर्ग को हम हिस्सेदारी से रोकने में क्यों ताकत लगा रहे हैं. उनके जुड़ने से हमारी ताकत बढ़ेगी. मैं अपील करने आया हूं कि इसको राजनीतिक तराजू से मत तौलिए. आज पूरा देश विशेषकर नारी शक्ति हमारे निर्णय तो देखेगी, लेकिन उससे ज्यादा हमारी नीयत को देखेगी. इसलिए हमारी नीयत की खोट देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी.”

6.मंथन से जो अमृत निकलेगा वो देश की राजनीति बदल देगा
प्रधानमंत्री ने कहा- “मुझे विश्वास है कि इस मंथन से जो अमृत निकलेगा, वो देश की राजनीति की भी रूप स्वरूप को तय करेगा, लेकिन ये देश की दिशा और दशा भी तय करने वाला है. 21वीं सदी में भारत नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है. दुनिया में भारत की स्वीकृति महसूस कर रहे हैं. एक समय हमारे पास आया है. इसे विकसित भारत के साथ जोड़ा है.”

7.परिसीमन में नहीं होगा भेदभाव
मोदी ने कहा- “मैं कहना चाहूंगा कि यहां बैठकर हमें संविधान ने देश को टुकड़ों के रूप में सोचने का अधिकार ही नहीं दिया है. कश्मीर हो या कन्या कुमारी हम एक देश के रूप में ही इसे सोच सकते हैं. राजनीतिक लाभ लेने के लिए जो बवंडर खड़ा किया जा रहा है, उस पर मैं जिम्मेवारी के साथ कहना चाहता हूं कि निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भी भेदभाव नहीं करेगी.”

8.देश की आधी आबादी राष्ट्र निर्माण में सहयोग करेगी
मोदी ने कहा, “मैंने पहले भी कहा है कि हम भाग्यवान हैं कि हमें देश की आधी आबादी को राष्ट्र निर्माण की नीति बनाने की प्रक्रिया में शामिल करने का सौभाग्य मिल रहा है. हम सभी सांसद इस अवसर को जाने न दें. हम भारतीय सब मिलकर के देश को नई दिशा देने जा रहे हैं. हमारी शासन वयवस्था को संवेदनशीलता से भरने का एक सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं.”

9.काले कपड़ों का मतलब काला टीका
मोदी ने इस दौरान काले कपड़े पहनकर महिला आरक्षण और परिसीमन बिल का विरोध कर रहे सांसदों को खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने कहा- “हमारे यहां परंपरा है किसी की नजर न लगे, इसके लिए काला टीका लगाते हैं. इसलिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं.” पीएम ने डीएमके का नाम लिए बिना ये बातें कही. डीएमके सांसद आज परिसीमन बिल का विरोध करने के लिए काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे थे.

10.समय की मांग हम इसमें अब देर न करें
PM मोदी ने कहा- “पिछले दिनों जब हम 2023 में चर्चा कर रहे थे तब हर कोई कह रहा था कि इसे जल्दी करो. तब हमारे पास समय नहीं था. अब हम इसे 2029 में करने वाले हैं. इसलिए समय की मांग है कि हम और ज्यादा देर न करें.”

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