नई दिल्ली: लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्ष और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने आज के ही दिन 1983 में लगाई गई इमरजेंसी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा कि 25 जून की रात देश की आत्मा को कुचल दिया गया. और इसका दाग कभी नहीं मिटने वाला है.

पीएम मोदी ने कहा कि सत्ता गंवाने के डर से इमरजेंसी लगा दी गई थी. उन्होंने कहा कि कुछ लोग सिर्फ एक ही परिवार का नाम सुनना चाहते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश ने 2019 का जनादेश पूरी तरह कसौटी पर कसने, हर तराजू पर तौलने के बाद और पूरी जांच-परख के बाद दिया, जनता ने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति का अनुमोदन किया. उन्होंने कहा कि हमें सुरक्षित, मजबूत और समावेशी राष्ट्र के सपने को साकार करने के लिए साथ मिलकर चलना होगा.

इससे पहले चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के एसपी सिंह बघेल ने कहा कि विपक्ष असहिष्णुता का आरोप लगाता है, लेकिन वह सबसे बड़े असहिष्णुता आपातकाल को भूल जाता है. बसपा के रितेश पांडे ने आरोप लगाया कि इस सरकार में गाय के नाम पर दलितों और अल्पसंख्यकों पर हमले किए जा रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि कृषि विकास दर में 33 फीसदी की कमी आई है तो फिर किसानों की आय कैसे बढ़ गई? नेशनल पीपुल्स पार्टी की अगाथा संगमा ने कहा कि सरकार को जल संरक्षण के लिए कारगर कदम उठाने चाहिए. भाजपा के तापिर गाओ ने कहा कि इस सरकार में पूर्वोत्तर के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है और वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में भगवान का रूप देखते हैं.

एआईयूडीएफ के बदरूद्दीन अजमल ने भीड़ द्वारा हत्या की घटनाओं का मुद्दा उठाया और सवाल कि आखिर सत्तारूढ़ पार्टी के लोग देश को कहां ले जाना चाहते हैं? भाजपा के जंगयांग शेरिंग नामगयाल ने कहा कि पहले की सरकारों ने लद्दाख की उपेक्षा की, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र के अवसरों को पहचाना और विकास कार्य शुरू करवाए. चर्चा में आम आदमी पार्टी के भगवंत मान, निर्दलीय नवनीत राणा, भाजपा की मीनाक्षी लेखी, जयंत सिन्हा, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन और निर्दलीय मोहन भाई डेलकर ने भी भाग लिया.