PM Narendra Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात (Mann Ki Baat) रेडियो प्रोग्राम के जरिए देश को संबोधित किया. इस दौरान पीएम ने साल 2020 पर चर्चा करते हुए कहा कि लोग कोरोना महामारी के कारण पूरे साल को लेकर चिंतिंत हो उठे है. लोगों का मानना है कि आखिर 2020 कब खत्म होगा. यह साल शुभ नहीं है. इस दौरान पीएम ने लोगों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि ऐसा देश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही छोर पर दो विकराल तूफा अम्फान और निसर्ग तूफानों ने दस्तक दी. साथ ही चीन मुद्दे पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि हमारे सैनिक पड़ोसी देशों से भी निपट रहे हैं. ऐसे में हम हर घटनाओं को कोरोना महामारी और साल 2020 से जोड़कर देख रहे हैं. पीएम ने अपने भाषण में कई अहम मुद्दों पर बात की. इस दौरान उन्होंने चीन को भी अपने मित्रता और शत्रुता के मायने समझाएं. Also Read - तमिलनाडुः 15 फीट विशालकाय किंग कोबरा देख उड़े लोगों के होश, कुछ ऐसे पाया छुटकारा

1- दोस्त के लिए दोस्त, दुश्मन के लिए दुश्मन Also Read - BMC ने अमिताभ के 'जलसा' को कंटेनमेंट जोन घोषित क‍िया, पुलिस ने अस्‍पताल और दो बंगलों की सुरक्षा बढ़ाई

पीएम ने चीन व भारत के बीच सीमा विवाद पर बोलते हुए कहा कि भारत की जमीन पर आंख उठाने वालों को करार जवाब मिलेगा. भारत अगर दूसरे देशों से मित्रता निभाना जानता है तो आंखों में आंखें डालकर जवाब भी देना भी जानता है. हमारे 20 शहीद सैनिकों ने दिखा दिया कि भारत माता की रक्षा मे वो किसी भी हद तक जा सकते हैं. Also Read - Full Lockdown in Madhya Pradesh: कोरोना वायरस के चलते फिर से थमी मध्य प्रदेश की रफ्तार, राज्य में लागू हुआ टोटल लॉकडाउन

2- शहीद के परिजनों के आवाज गूंजते हैं

शहीद के परिजन के बारे में बात करते हुए पीएम ने कहा कि हमारे कानों में शहीद के पिता की आवाज गूंजती है. शहीद के पिता ने बिहार में कहा था कि वे अपने पोते को भी सेना में भेजेंगे ताकि वो अपने पिता की तरह ही देश सेवा कर सके. शहीदों के सामने आज पूरा देश नतमस्तक है.

3- डिफेंस सेक्टर में आगे बढ़ रहा भारत

पीएम ने डिफेंस मामले पर बोलते हुए कहा कि आज देश डिफेंस के मामले में आगे बढ़ रहा है. आजादी से पहले भारत डिफेंस के मामले में काफी आगे था. देश में स्वदेशी हथियार बनाए जाते थे. हम कई देशों से आगे थे लेकिए धीरे धीरे कर डिफेंस हथियारों के निर्माण में हम पीछे होते चले गए. लेकिन अब भारत फिर से डिफेंस सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

4- अनलॉक में ज्यादा सावधानी बरते

मोदी ने आगे अनलॉक पर बोलते हुए कहा कि हमें देश में अनलॉक के दौरान 2 अहम बातों पर ध्यान देना है. पहला कोरोना को हराना और दूसरा अर्थव्यवस्था को मजबूत करना. अनलॉक को लेकर पीएम ने लोगों से निवेदन किया कि सभी लोग 2 गज दूरी, फेस मास्क व उचित सावधानियां जरूर बरतें ताकि कोरोना संक्रमण ज्यादा न हो सके. अनलॉक के दौरान हमें और भी ज्यादा सावधान रहना है.

5- पीवी नरसिम्हा राव को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आज उनकी जन्म शताब्दी वर्ष है. पीएम ने कहा कि  वे कई भाषाओं के ज्ञाता थे. वे भारतीय मूल्यों को जानते थे, लेकिन पाश्चात्य संस्कृति से भी अच्छी तरह वाकिफ थे. किशोरावस्था में ही उन्होंने आजादी की लड़ाई में भाग लिया. छोटी उम्र से ही वो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते थे.

6- स्पेस प्रोग्राम अब सबके लिए खुला

पीएम ने स्पेस विभाग के निजिकरण को लेकर कहा कि यह भारत को नए आयामों पर ले जा सकता है. भारत के स्पेस सेक्टर को सार्वजनिक कर दिए जाने के बाद अब कई लोग अपनी किस्मत आजमा सकेंगे. बता दें कि इससे देश में काफी रोजगार भी पैदा होंगे और इससे देश में तकनीकी का विकास काफी तेजी से होगा.

7- बच्चों के लिए मोदी का टास्क

पीएम मोदी ने मन की बात प्रोग्राम में बच्चों से आग्रह किया कि माता-पिता, नाना-नानी, दादा-दादी का अपने फोन से इंटरव्यू लीजिए, साथ ही अपने बुजुर्गों से उनके बचपन के खेलों, किस्से कहानियों के बारे में जरूर पूछे. आप ये जानें कि आखिर वो 50 -60 साल तक की जिंदगी कैसे गुजारिश. आपको यह जानना बेहद जरूरी है कि 40-50 साल पहले हिंदुस्तान कैसा था. इससे आपको बहुत कुछ जानने और सीखने को मिलेगा. साथ ही पीएम ने बुजुर्गों से आग्रह किया कि आप भी बच्चों को अपने बचपन अपने जीवन के बारे में बताएं.

8- श्रमिकों की कहानियां देती हैं प्रेरणा

श्रमिकों पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों की न जाने कितनी ही कहानियां हमारे सामने आ रही हैं जों हमें प्रेरित करती हैं. गरीब मजदूरों की कहानियां लोगों को प्रेरणा देती है. हमने कोरोना काल के दौरान जीना नए तरीके से सीख लिया है.

9- पारंपरिक खेलों को आगे बढ़ाया जाए

देश के पारंपरिक खेलों पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि सांप-सीढी खेल पारंपरिक खेलों का उदाहरण है. साथ ही गुटका भी पारंपरिक खेलों का ही हिस्सा है. इन खेलों को लिए बड़े साधनों की आवश्यकता नहीं है. इन्हीं खेलों के सहारे लोग छोटी छोटी खुशियों को जी रहे हैं. इन खेलों को हमें अगली पीढ़ी को ट्र्रांसफर करना होगा.

10- फसल होगी अच्छी

मॉनसून और किसानों पर पीएम ने कहा कि मानसून अच्छी होगी इस साल, मतलब इस साल फसलें भी अच्छी होंगी. कर्नाटक के एक 80-85 साल के बुजुर्ग किसान का उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि इन्होंने 16 तलाब अपने परिश्रम से बनाया है. ऐसा इन्होंने इसलिए किया क्योंकि ये अपने इलाके में पानी की कमी को दूर करना चाहते थे.