नई दिल्ली: हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दुनिया कायल है. जिस तरह से उन्होंने कोरोनावायरस से निपटने को रणनीति बनाई है, दुनिया उसकी तारीफ करती नहीं थक रही. पर ऐसे भी लोग हैं, जिनके खुद पीएम मोदी कायल हैं. इन्हीं में से एक हैं भुलई भाई. Also Read - प्रधानमंत्री की आलोचना के लिए भाजपा नेताओं ने सोरेन को लिया आड़े हाथ, बोले- सामान्य शिष्टाचार की समझ नहीं

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया से दशकों पहले विधायक रहे नारायणजी उर्फ भुलई भाई को फोन कर उनका आशीर्वाद लिया है. Also Read - ममता बनर्जी ने PM नरेंद्र मोदी को लिखा खत, कहा- ऑक्सीजन की आपूर्ति करें, वरना लोगों की चली जाएगी जान

भुलई भाई के बेटे अनूप चौधरी के मोबाइल पर प्रधानमंत्री कार्यालय से कॉल आया, जिसे भुलई भाई के नाती कन्हैया चौधरी ने रिसीव किया. Also Read - सीनियर पत्रकार शेष नारायण सिंह का कोरोना संक्रमण के चलते निधन, PM मोदी ने शोक जताया

प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी ने पूछा, ‘नारायणजी से बात हो सकती है..?’ कन्हैया ने कहा,
‘बिल्कुल हो सकती है.’ यह कहते हुए उन्होंने भुलई भाई को मोबाइल दे दिया. कन्हैया ने जब बताया कि फोन पर दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं तो भुलई भाई की खुशी का ठिकाना न रहा.

उन्होंने बताया, ‘प्रधानमंत्री ने कहा कि सोचा, इस संकट के समय आपका आशीर्वाद लूं. इस पर पूर्व विधायक ने कहा कि आप यशस्वी हों और जब तक स्वस्थ रहें, देश की सेवा करते रहें’.

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आपने पांच पीढ़ी देखी है, सब अच्छा चल रहा है न, पूर्व विधायक ने कहा, बहुत अच्छा. इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘स्वस्थ रहिए और परिवार के सभी सदस्यों को मेरा प्रणाम कहिएगा, आपने तो शताब्दी देखी है. 106 वर्ष में तो आपने पांच पीढ़ियां देखी होंगी. बहुत साल हो गए, देखा नहीं था. सबको मेरा प्रणाम कह दें.’

प्रधानमंत्री ने पूर्व विधायक से ढाई मिनट तक बात की. पूर्व विधायक ने कहा कि ‘इस संकट की घड़ी में प्रधानमंत्री ने हमें याद किया हम उनके आभारी हैं’.

कौन हैं भुलई भाई
कुशीनगर के कप्तानगंज तहसील के पगार छपरा गांव के रहने वाले नारायण उर्फ भुलई भाई जनसंघ के जमाने से भाजपा से जुड़े रहे हैं. वह 1974 से 1977 और 1977 से 1980 तक कुशीनगर की नेबुआ नौरंगिया सीट से जनसंघ पार्टी के विधायक रहे हैं. आपातकाल के समय में वह कई महीनों तक जेल में भी रहे. उनकी छवि ईमानदार नेता के रूप में है.