नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 जनवरी को स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के मौके पर कोलकाता में आयोजित ‘‘पराक्रम दिवस’’ समारोह को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री असम के शिवसागर जिले स्थित जेरेंगा पठार भी जाएंगे और वहां 1.6 लाख भूमि पट्टा आवंटन प्रमाण पत्र वितरित करेंगे.Also Read - अरुणाचल प्रदेश-असम सीमा पर सड़क निर्माण को लेकर विवाद, गोलीबारी के बाद गांव के लोगों ने आगजनी की

बयान में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में पराक्रम दिवस समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे.’’ सरकार ने पिछले दिनों नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के तौर पर मनाने का निर्णय किया. बोस की 125वीं जयंती 23 जनवरी को मनाई जाएगी. Also Read - Rahul Gandhi का Twitter पर आरोप-मेरे फॉलोअर्स घट रहे हैं, किसी दबाव में काम कर रहे? मिला ये जवाब

बयान में कहा गया, ‘‘राष्ट्र के प्रति नेताजी की अदम्य भावना और निस्वार्थ सेवा को सम्मान देने और याद रखने के लिए भारत सरकार ने हर साल 23 जनवरी को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है. इसका मकसद देश के लोगों, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करना और उनमें देशभक्ति की भावना का संचार करा.’’ Also Read - Pariksha Pe Charcha 2022: परीक्षा पे चर्चा के लिये रजिस्‍ट्रेशन की आज आखिरी तारीख, जल्‍दी करें

इस वर्ष नेताजी की जयंती पर भाजपा ओर पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस की ओर से कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इस साल के मध्य में वहां विधानसभा के चुनाव होने हैं. बंगाल दौरे पर प्रधानमंत्री नेताजी के जीवन पर आधारित एक स्थायी प्रदर्शनी और एक ‘‘प्रोजेक्शन मैपिंग शो’’ का भी उद्घाटन करेंगे.

प्रधानमंत्री नेताजी की याद में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी करेंगे. इस दौरान नेताजी पर आधारित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘‘आमरा नूतोन जौवोनेरी दूत’’ का भी आयोजन किया जाएगा.

इससे पहले प्रधानमंत्री कोलकाता स्थित नेशनल लाइब्रेरी का भी दौरा करेंगे. वहां ‘‘21वीं सदी में नेताजी की विरासत का पुन:अवलोकन’’ विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया है. वहां कलाकारों की ओर से एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है. प्रधानमंत्री कलाकारों और सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों से संवाद करेंगे.

गौरतलब है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 85 सदस्यीय एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है जो साल भर के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेगी. इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री असम के शिवसागर जाएंगे जहां पर वे 1.06 लाख जमीन के पट्टों का वितरण करेंगे.

पीएमओ ने अपने बयान में कहा कि राज्य के स्थानीय लोगों के भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए असम सरकार ने व्यापक नई भूमि नीति बनाई और इन लोगों के लिए पट्टा आवंटन प्रमाणपत्र जारी करना और उनके बीच सुरक्षा की भावना पैदा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. असम में 2016 में 5.75 लाख भूमिहीन परिवार थे. वर्तमान सरकार ने मई 2016 से 2.28 लाख आवंटन प्रमाण पत्र वितरित किए हैं. 23 जनवरी को होने वाला समारोह इस प्रक्रिया में अगला कदम है.