नई दिल्ली. पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी सरकार और इसके मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों का कामकाज संभाल लिया है. अगले सप्ताह से संसद का सत्र भी शुरू होने वाला है. इसके मद्देनजर मोदी सरकार के नई मंत्री परिषद की पहली बैठक बुधवार को होगी, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी अपनी सरकार के रोडमैप के बारे में बता सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री इस बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों को चलाने में राज्य मंत्रियों की भूमिका रेखांकित कर सकते हैं. साथ ही कैबिनेट मंत्रियों से अपने सहायकों को पर्याप्त जिम्मेदारियां देने के लिए कह सकते हैं. इसके अलावा बैठक में मोदी 2.0 सरकार के अगले पांच साल के लिए कार्य योजना पर भी चर्चा हो सकती है. पीएम मोदी के इस मामले पर मंत्रियों को संबोधित करने की संभावना है.

मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में मंत्री परिषद की बैठक नियमित रूप से होती थी. प्रधानमंत्री मंत्रियों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं औैर उनके बारे में लोगों को जागरूक करने के संबंध में बताते थे. मोदी महत्वपूर्ण मंत्रालयों और क्षेत्रों के प्रदर्शन की समीक्षा भी करते थे. मंत्री परिषद की बैठक के पहले, केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक भी बुधवार को होगी. अगले सप्ताह से संसद सत्र शुरू होने के साथ ही राज्य मंत्रियों के पास महत्वपूर्ण भूमिका होगी क्योंकि उनके मंत्रालयों को सदन के पटल पर रखे जाने वाले संसदीय सवालों का जवाब देना होगा.

कैबिनेट मंत्री आमतौर पर उन्हीं सवालों को देखते हैं जिनके मौखिक जवाब दिए जाने होते हैं. मंत्रिमंडल की पहली बैठक में मोदी सरकार ने सभी किसानों को प्रधानमंत्री-किसान योजना के दायरे में लाने के लिए उसके विस्तार को मंजूरी दी थी. इस योजना के तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी. मोदी 2.0 सरकार के मंत्री परिषद की पहली बैठक पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. लोगों को उम्मीद है कि नई सरकार की इस पहली बड़ी बैठक से ही जनहित की कई योजनाओं के बारे में फैसला लिया जा सकता है.

(इनपुट – एजेंसी)