नई दिल्ली: चीन से तनाव के बीच हिमाचल प्रदेश में मनाली से लेह को जोड़ने वाली रणनीतिक रूप से बेहद अहम अटल टनल का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी इसी माह करने वाले हैं. समुद्र तल से लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर बनाई गई इस टनल के निर्माण पर करीब 3,500-4000 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. यह सुरंग सैन्य रसद के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है.
अटल सुरंग (Atal Tunnel) की खासियतें
– दुनिया की सबसे ऊंची अटल टनल अब उद्घाटन के लिए लगभग तैयार है
– 8.8 किलोमीटर लंबी रणनीतिक रोहतांग सुरंग सितंबर के अंत तक खोली जाएगी
– लद्दाख के लेह के बीच समुद्र तल से 3,000 मीटर ऊपर बनाई गई है
– प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 3 जून 2000 को परियोजना की घोषणा की थी
– इसके निर्माण की जिम्मेदारी सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंपा गया था
– 3,200 करोड़ रुपए की सुरंग के बनने से मनाली और लेह के बीच की 464 किमी की दूरी में 47 किमी कम हो जाएगी
– इस सुरंग के बन जाने से यात्रा में 8 घंटे के वक्त में 2 से ढाई घंटे के समय की बचत होगी
– लाहौल बर्फबारी के कारण लगभग छह माह तक देश के बाकी हिस्सों से कटा रहता था, अब 12 महीने कनेक्टिविटी रहेगी
– महत्वाकांक्षी अटल सुरंग, लेह और लद्दाख के आगे के क्षेत्रों को सभी मौसम की कनेक्टिविटी प्रदान करेगी
– 80 किमी प्रतिघंटे की गति से प्रतिदिन 5000 वाहन गुजरने की इस टनल की क्षमता है
1st pic is of escape tunnel which is below the road surface.2nd is after you exit the tunnel in north pic.twitter.com/UXKndxrDfr
— Sahil Pednekar (@sahil11p) September 8, 2020
हाल ही में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने उद्घाटन से पहले की तैयारियों का जायजा लिया था. उन्होंने बीआरओ के अधिकारियों को सुरंग को अंतिम रूप देने में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि इसे सितंबर के अंत तक प्रधान मंत्री मोदी द्वारा उद्घाटन के लिए तैयार किया जा सके.
आज रोहताँग/मनाली दौरे पर हूँ।
हमने अटल टनल,रोहतांग का निरीक्षण किया व बीआरओ के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री जी के प्रस्तावित कार्यक्रम व चल रहे निर्माण कार्य के बारे में चर्चा की।
टनल का कार्य लगभग पूरा हो चुका है जल्द प्रधानमंत्री जी इसे जनता को समर्पित करेंगे । pic.twitter.com/g7fMo81Kjg
— Jairam Thakur (@jairamthakurbjp) August 29, 2020
सीएम ठाकुर ने बताया था प्रधानमंत्री ने इस मेगा परियोजना को जल्द पूरा करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है, जो न केवल सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार पैदा करने के अलावा लाहौल-स्पीति जिले में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा. पीर पंजाल रेंज से होकर सुरंग ने मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किमी कम कर दी है.
सीएम ठाकुर ने कहा था कि अटल टनल लाहौल के निवासियों के लिए एक वरदान होगा, जो भारी बर्फबारी के कारण लगभग छह महीने तक देश के बाकी हिस्सों से कटा रहता है. महत्वाकांक्षी अटल सुरंग, लेह और लद्दाख के आगे के क्षेत्रों को सभी मौसम की कनेक्टिविटी प्रदान करेगी.
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