नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को नोएडा, मुम्बई और कोलकाता में उच्च क्षमता वाली कोविड-19 परीक्षण सुविधाओं का शुभारंभ करेंगे जिससे देश में परीक्षण करने की क्षमता बढ़ेगी, बीमारी की शुरुआती पहचान हो सकेगी और समय रहते उपचार करने में तेजी आएगी. Also Read - Atmanirbhar Bharat Week: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज ‘आत्मनिर्भर भारत सप्ताह’ की करेंगे शुरुआत, जानें क्या होंगे इसके फायदे

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल रहेंगी. Also Read - अंडमान निकोबार को अब बाहरी दुनिया से डिजिटल संपर्क में कोई समस्या नहीं आएगी: पीएम मोदी

बयान में कहा गया, ‘‘इन सुविधाओं से देश में परीक्षण करने की क्षमता बढ़ेगी और इनसे बीमारी की शुरुआती पहचान और समय रहते उपचार करने में तेजी आएगी. इस प्रकार इन सुविधाओं से कोरोना महामारी के प्रसार को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी.’’ Also Read - पीएम मोदी की फोटो से छेडछाड़ कर ट्वीट करने के मामले में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

इन तीन उच्च क्षमता वाली परीक्षण सुविधाओं को रणनीतिक तौर पर आईसीएमआर- राष्ट्रीय कैंसर निवारण एवं अनुसंधान संस्थान, नोएडा, आईसीएमआर- राष्ट्रीय प्रजननीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान, मुंबई और आईसीएमआर- राष्ट्रीय हैजा एवं आंत्र बीमारी संस्थान, कोलकाता में स्थापित किया गया है जो हर रोज 10,000 से अधिक नमूनों का परीक्षण करने में सक्षम हैं.

इन सुविधाओं से युक्त प्रयोगशालाओं से संक्रामक नैदानिक ​सामग्री से स्वास्थ्यकर्मियों को बचाने और उनके प्रतिवर्तन काल (टर्नअराउंड टाइम) को कम करने में मदद मिलेगी.

इन प्रयोगशालाओं में कोविड के अलावा अन्य बीमारियों का भी परीक्षण हो सकेगा और महामारी खत्म होने के बाद हेपेटाइटिस बी एवं सी, एचआईवी, माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस, साइटोमेगालोवायरस, क्लैमाइडिया,नीसेरिया,डेंगू इत्यादि बीमारियों के लिए भी परीक्षण कार्य होगा.