नई दिल्ली: पीएम नरेन्द्र मोदी देश के पहलेे स्मार्ट और ग्रीन हाईवे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का रविवार को उद्घाटन करने जा रहे हैं. ये देश का ऐसा पहला हाईवे है, जिसकी सड़के सोलर लाइट से रोशन हैं. इसके अलावा प्रत्येक 500 मीटर पर दोनों तरफ बारिश के पानी के संग्रहण की व्यवस्था होगी. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11,000 करोड़ रुपए की लागत से देश के पहले स्मार्ट और हरित राजमार्ग ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) का रविवार को उद्घाटन करेंगे.  इस आधुनिक हाईवे की कुल लंबाई 135 किमी है. यह 14 लेन के साथ देश का पहला राष्ट्रीय राजमार्ग है और इसमें कई विशेषताएं हैं, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी. इसमें दोनों तरफ 2.5 मीटर लंबे साइकिल ट्रेक है. पूरा एक्सप्रेसवे अगले साल मार्च तक बनकर तैयार हो जाएगा.Also Read - Ayushman Bharat Digital Mission: पीएम मोदी ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का किया शुभारंभ, जानिए क्या है ये योजना..

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इसके साथ ही वह दिल्ली – मेरठ एक्सप्रेसवे पर खुले जीप में यात्रा करेंगे. प्रधानमंत्री का रोड शो निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होगा. यह दिल्ली – मेरठ एक्सप्रेसवे का लगभग नौ किलोमीटर का पहला चरण है. इस पर छह किलोमीटर की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री का हेलीकाप्टर से बागपत जाने का कार्यक्रम है, जहां वह ईपीई देश को समर्पित करेंगे. Also Read - भाजपा महासचिव ने प्रदर्शनकारी किसानों को बताया ‘हुड़दंगी’, बोले- देश के 99.99 फीसदी किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ

केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और पोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यहां कहा, प्रधानमंत्री दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर 6 किलोमीटर खुले जीप पर यात्रा करेंगे. प्रधानमंत्री वहां प्रदर्शनी और 3 डी माडल का उद्घघाटन करेंगे और वहां से ईपीई राष्ट्र को समर्पित करने के लिए बागपत जाएंगे.”

पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर खास बातें 
– केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी नेकहा कि पूर्वी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे रिकार्ड 500 दिनों में बनकर तैयार हुआ है
– यह दिल्ली को ट्रैफिक जाम से छुटकारा दिलाएगा और इससे प्रदूषण में कमी आएगी
– 135 किलोमीटर लंबे यह एक्सप्रेसवे पर कुल 11,000 करोड़ रुपए खर्च हुए
– इस एक्स्प्रेसवे से हरियाणा में कुंडली और पलवल की दूरी अब 4 घंटे से सिमटकर 72 मिनट रह जाएगी
– 50,000 वाहनों को अब दिल्ली शहर में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी
– इससे दिल्ली में प्रदूषण और यातायात समस्या का महत्वपूर्ण ढंग से सामाधान होगा
– एक्सप्रेसवे में केवल तय की गई दूरी के आधार पर टोल लिए जाएंगे
– वाहनों की बाधा रहित आवाजाही के लिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से टोल वसूला जाएगा
– 4 मेगावाट क्षमता के 8 सौर संयंत्रों से ईपीई की सड़कें होंगी रोशन

– ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेस वे पर खर्च हुए 5,763 करोड़ रुपए
– रिकॉर्ड दो साल में कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेस वे बनकर तैयार हुआ
– केजीपी एक्सप्रेस वे देश का पहला एक्सिस कंट्रोल हाईवे है
– केजीपी एक्सप्रेस वे हरियाणा के कुंडली और पलवल के बीच बनाया गया है
– कुंडली दिल्ली की सीमा के पास हरियाणा के सोनीपत में है, जबकि पलवल फरीदाबाद जिले के दक्षिण में दिल्ली से 80 किलोमीटर की दूरी पर है
– केजीपी एक्सप्रेस वे के उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री एनएचएआई के डिजिटल आर्ट गैलेरी का सोनीपत के जाखौली में टोल प्लाजा के पास उद्घाटन करेंगे

– प्रधानमंत्री इस एक्सप्रेसवे के पहले खंड दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रविवार को करेंगे.
– 8.36 किलोमीटर लंबे(स्ट्रेच) दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को बनाने में 841.50 करोड़ रुपए की लागत आई है
– ये निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होकर दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा तक है और इसमें 14 लेन हैं
– यह स्ट्रेच पहले के संभावित निर्माण अवधि 30 माह के बदले केवल 17 माह के ही रिकार्ड समय में बनकर तैयार हो गया
– यह 14 लेन के साथ देश का पहला राष्ट्रीय राजमार्ग है और इसमें कई विशेषताएं हैं, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी
– इसमें दोनों तरफ 2.5 मीटर लंबे साइकिल ट्रेक आदि की सुविधा दी गई है
– पूरा एक्सप्रेसवे अगले साल मार्च तक बनकर तैयार हो जाएगा

(इनपुट एजेंसी)