नई दिल्ली: राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की पराजय के बीच राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट से राहत की संजीवनी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र रविवार को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सियासी गढ़ रायबरेली का दौरा करेंगे. कांग्रेस की अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया और उनसे पहले भी नेहरू-गांधी परिवार का राजनीतिक दुर्ग रहे रायबरेली का मोदी का यह पहला दौरा होगा. हाल में आये पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों से पहले ही तय हो चुके मोदी के रायबरेली दौरे को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को उनके गढ़ में ही घेरने की भाजपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. Also Read - ममता बनर्जी को 5 अगस्त को लॉकडाउन वापस न लेने की कीमत चुकानी पड़ेगी: बीजेपी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के बाद कहा कि रायबरेली स्थित रेल कोच फैक्ट्री में वर्तमान में प्रतिवर्ष 500 कोच बन रहे हैं और इसकी क्षमता 5000 तक बढ़ानी है. स्थानीय सांसद सोनिया गांधी वर्ष 2014 में इस सीट से एक बार फिर सांसद बनने के बाद स्वास्थ्य कारणों से बहुत कम ही बार रायबरेली आ सकी हैं. पिछले साल हुए राज्य विधानसभा चुनाव में भी सेहत सम्बन्धी समस्याओं के कारण सोनिया प्रचार नहीं कर सकी थीं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा इस लिहाज से काफी अहम है कि भारत की उच्च गुणवत्ता के रेल डिब्बों के विनिर्माण और निर्यात बाजार पर नजर है. रेलवे ने कुछ महीने पहले ही प्रस्ताव दिया था कि वह ऐसे देशों के लिए बुलेट ट्रेन के डिब्बे बनाने और निर्यात करने को इच्छुक है, जो तेज रफ्तार गलियारे का निर्माण कर रहे हैं. इस कारखाने को लेकर पहले ही कई देश अपनी रूचि दिखा चुके हैं. कोरिया, जापान, जर्मनी, चीन और ताइवान के अधिकारी कारखाने का दौरा कर चुके हैं.

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रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि कई देश कम उत्पादन लागत की वजह से भारत का इस्तेमाल विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में कर सकते हैं. वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, माडर्न कोच फैक्टरी (एमसीएफ) में पहली बार पूरे डिब्बे का विनिर्माण रोबोट द्वारा किया गया है. एक किलोमीटर लंबी उत्पादन लाइन में रोबोट को समानांतर तौर पर काम में लगाया गया है, जहां वे डिब्बों पर कुछ-कुछ काम कर रहे हैं. वर्तमान में 70 रोबोट काम में लगे हुए हैं. यह पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ है.

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प्रधानमंत्री के दौरे के बारे में अधिकारी ने कहा, यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है. प्रधानमंत्री का यहां आना महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह संदेश जाएगा कि भारत उसके कारखानों में तैयार डिब्बों के निर्यात के लिए प्रतिस्पर्धी बाजार में उतर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 232 के पुनर्निर्मित 133 किलोमीटर के रायबरेली मार्ग को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. यह मार्ग बुंदेलखंड, चित्रकूट, लखनऊ और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है.

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नवनिर्मित राजमार्ग के कारण बांदा से रायबरेली की बीच यात्रा समय 7-8 घंटे से घटकर 2.5 घंटे रह जायेगा. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में इसकी जानकारी दी गयी है. बयान में कहा गया है, 133 किलोमीटर की इस परियोजना को लगभग 558 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है.

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यह मार्ग बुंदेलखंड के खनन क्षेत्र, तीर्थ केंद्र चित्रकूट, राज्य की राजधानी लखनऊ और पूर्वांचल के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है. इस राजमार्ग पर राजमार्ग निर्माण सामग्री ले जाने वाले भारी यातायात देखने को मिलता है. बयान में कहा गया है कि इस राजमार्ग के कारण यातायात की भीड़ में कमी आएगी, प्रदूषण कम होगा और ईंधन की खपत कम होगी. इससे इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

(इनपुट-भाषा)