प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 74वें सत्र को संबोधित करने जा रहे हैं. पीएम मोदी के भाषण में विकास, सुरक्षा, आतंकवाद निरोधक कार्रवाई और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे शामिल रह सकते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जर्मन चांसलर एंजिला मर्केल जैसे विश्व के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें कीं.
आतंकवाद की समस्या पूरी दुनिया की है. आतंक के खिलाफ पूरी दुनिया को एक होना होगा.
आज विश्व का स्वरूप बदल रहा है. 21वीं सदी में कई चीज़ें बदल रही हैं. ऐसे में दुनिया के पास अपने-अपने में सिमट जाने का दौर नहीं है.
आतंक के नाम पर बंटी दुनिया UN के सिद्धांतों को ठेस पहुंचाती है
आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को एकजुट होना अनिवार्य
हम वो हैं, जिसने दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध दिए हैं. आतंकवाद के खिलाफ भारत के पास संदेश भी है और आक्रोश भी.
संयुक्त राष्ट्र का भी यही उद्देश्य है. भारत जिन मुद्दों को उठा रहा है तो गंभीर विषयों के समाधान का सामूहिक प्रयास है. ग्लोबल वार्मिंग में भारत का योगदान बेहद कम रहा है.
भारत में अपनत्व की भावना पहचान है. भारत में बीते पांच साल में इसी भावना को मजबूत करने का काम किया है.
जनकल्याण सिर्फ भारत के लिए नहीं हो, जग का कल्याण हो
सबका साथ, सबका विकास हमारा मंत्र है
हमारा परिश्रम दिखावा नहीं, कर्तव्य भाव से प्रेरित है
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.