रमल्‍ला: तीन देशों की विदेश यात्रा के तहत जॉर्डन के बाद फिलिस्तीन पहुंचे पीएम मोदी को फि‍लिस्‍तीनी राष्‍ट्रपति महमूद अब्बास ने अपने देश के सर्वोच्‍च सम्‍मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलस्तीन’ से सम्मानित किया. पीएम मोदी ने कहा, ‘यह भारत का सम्‍मान है और मैं सभी भारतीयों की ओर से इसके लिए धन्‍यवाद देता हूं. मोदी ने फि‍लिस्‍तीनी राष्‍ट्रपति को भरोसा दिया कि भारत अपने दिए एक वादे को निभाएगा और उसकी लोगों की भलाई के लिए हमेशा फि‍लिस्‍तीन के साथ खड़ा रहेगा. वहीं, पीएम मोदी के स्‍वागत के लिए यूएई सजकर तैयार है. Also Read - JP Nadda Birthday: ABVP के छात्र नेता से लेकर BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक, जेपी नड्डा ने ऐसे छुईं ऊँचाईयां

फिलस्तीन के सर्वोच्च सम्मान पीएम मोदी सम्मानित
द्विपक्षीय बैठक के बाद फिलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपने देश के सर्वोच्‍च सम्‍मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलस्तीन’से सम्मानित किया. यह विदेशी राष्ट्राध्यक्षों/ शासनाध्यक्षों या इसके समकक्ष पद पर बैठे लोगों को दिया जाने वाला फिलस्तीन का सर्वोच्च सम्मान है. स्‍टेट ऑफ फि‍लिस्‍तीन के ग्रैंड कॉलर से सम्‍मानित किए जाने पर पीएम मोदी ने कहा, ‘यह भारत का सम्‍मान है और फि‍लिस्‍तीन की मित्रता का प्रतीक. मैं सभी भारतीयों की ओर से इसके लिए धन्‍यवाद देता हूं.’ Also Read - काशी: पीएम मोदी ने किया 'देव दीपावली' का आगाज: विपक्ष पर साधा निशाना, 'कुछ लोगों के लिये विरासत का मतलब परिवार से है'

रहमल्‍ला में वह सबसे पहले पूर्व राष्‍ट्रपति यासिर अराफात के स्‍मारक पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी.फिलिस्तीन पहुंचे मोदी को रमल्‍ला मेें प्रेसिडेंशियल हैडक्‍वाटर्स कंपाउंड अलमक्‍ता ए में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद इसके बाद राष्‍ट्रपति की ओर से दिए गए लंच में मोदी शामिल हुए. पीएम मोदी और फिलिस्तीनी राष्‍ट्रपति मोहम्‍मद अब्‍बास के साथ मीटिंग हुुुुई, जिसमें कई समझौते किए गए.

दोनों देशों के बीच हुए एग्रीमेंट
पीएम मोदी और राष्‍ट्रपति की मौजूदगी में भारत और फि‍लिस्‍तीन के बीच रमल्‍ला में हुए समझौतों का आदान-प्रदान किया गया. इस मौके पीएम मोदी ने कहा, मैंने प्रेसिडेंट अब्‍बास को भरोसा दिया है कि भारत फि‍लिस्‍तीन के लोगों के हितों के लिए किए गए एक वादे प्रतिबद्ध है. भारत और फि‍लिस्‍तीन के रिश्‍तों की हमेशा परीक्षा होती रही है. फि‍लिस्‍तीन हमेशा हमारी विदेशनीति में टॉप पर रहा है.मोदी ने बताया कि वह खुश हैं कि स्‍टूडेंट एक्‍सचेंज एग्रीमेंट में इस साल से 50 से बढ़ाकर संख्‍या 100 कर दी गई है. भारत एक इंस्‍टीट्यूट ऑफ डिप्‍लोमेसी फि‍लिस्‍तीन के निर्माण में मदद कर रहा है.

शांति के लिए भारत की भूमिका पर भरोसा
फि‍लिस्‍तीनी राष्‍ट्रपति महमूद अब्‍बास ने कहा, यह मेरे लिए सम्‍मानजनक है कि आपका स्‍वागत आपकी पहली फि‍लिस्‍तीन यात्रा पर एक ग्रेट गेस्‍ट के तौर पर कर रहा हूं. आपसे व्‍यक्तिगत तौर पर और भारत के लोगों के साथ प्रेम और प्रशंसा के भाव जुड़े हुए हैं. भारतीय लीडरशिप हमेशा फि‍लिस्‍तीन की शांति के साथ खड़ी रही है. प्रेसिडेंट अब्‍बास ने कहा, हम समझौतों के लिए तैयार हैं और हमें भारत की एक आंतरिक ताकत के तौर पर उसकी भूमिका पर भरोसा है. हमारे क्षेत्र की शांति के लिए उसकी भूमिका है.

मोदी के स्‍वागत के लिए यूएई में उत्साह
फिलिस्तीन के बाद पीएम मोदी के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचेगे. उनके दूसरे दौरे से यूएई में बहुत उत्साह है. पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 14 समझौते होंगे. इनमें स्पेस टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट, वित्तीय मसलों और सुरक्षा संबंधी मामलों के समझौते होंगे.

यूएई में आर्थिक अवसरों की तलाश
यूएई में मोदी उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री एवं दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम तथा अबू धाबी के शहजादा शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयन के साथ बैठकें करेंगे. मोदी दुबई में वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के छठे सत्र को संबोधित करेंगे. पीएम  ने कहा कि यात्रा के दौरान वह भारत में आर्थिक अवसरों को लेकर दुबई में यूएई और अरब जगत के प्रमुख सीईओ से बातचीत करेंगे. साथ ही इस बारे में संभावना भी तलाशने की कोशिश करेंगे.

यहां लगे भारत माता की जय’ के नारे 
अपने दौरे के पहले चरण में प्रधानमंत्री कल जार्डन की राजधानी ओमान पहुंचे थे, जहां उनके स्वागत के लिए खुद जार्डन के किंग जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय मौजूद थे. पीएम वहां रह रहे भारतीयों से भी मिले. पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान वहां मौजूद भारतीयों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए थे.

प्रधानमंत्री ने दौरे से पहलेे ट्वीट कर बताया था कि  आर्थिक और कारोबारी संबंध मजबूत करने के लिए वह ओमान के प्रमुख कारोबारियों से भी बातचीत करेंगे. उन्होंने कहा कि 11 फरवरी की शाम  ओमान के सुल्तान से मिलेंगे.  यूएई की यात्रा के दौरान प्रवासी भारतीयों से मिलने का अवसर होगा, जिन्होंने उन देशों को अपना घर बना लिया है. खाड़ी क्षेत्र में 90 लाख से ज्यादा भारतीय काम रहते हैं और रहते हैं. ओमान में सबसे ज्यादा प्रवासी भारतीय ही हैं.