कोलंबो: दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी अपनी पहली विदेश यात्रा के दूसरे चरण में रविवार को पड़ोसी द्वीप देश श्रीलंका पहुंच गए हैं. मोदी ने इस यात्रा के लिए पड़ोसी देशों मालदीव और श्रीलंका को चुना. यह यात्रा ‘पड़ोसी प्रथम’ की उनकी नीति को दर्शाती है. श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने भंडरनायके अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर मोदी का स्वागत किया.

पीएम मोदी यहां पहुंचने के बाद संत एंथोनी चर्च पहुंचे. ये वही चर्च है जहां कुछ समय पहले ईस्टर के दिन बम विस्फोट हुआ था. चर्च में उन्होंने श्रीलंका में कुछ समय पहले हुए बम विस्फोट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी.

देश की मुख्य तमिल पार्टी ‘द तमिल नेशनल एलायंस’ के प्रतिनिधिमंडल के भी प्रधानमंत्री मोदी से मिलने की संभावना है. श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए बम विस्फोटों की पृष्ठभूमि में मोदी की यात्रा को श्रीलंका के साथ भारत की एकजुटता के रूप में भी देखा जा रहा है. इस्लामिक स्टेट द्वारा किए गए विस्फोटों में 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे. मोदी मालदीव की यात्रा के बाद कोलंबो पहुंचे हैं.

मालदीव की वर्ल्ड फेमस ‘जुमा मस्जिद’ का निर्माण कराएगा भारत, PM मोदी बोले- ऐसी मस्जिद कहीं नहीं

इससे पहले पीएम मोदी मालदीव में थे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मालदीव की ‘फ्राइडे मस्जिद’ (जुमा मस्जिद) के संरक्षण और निर्माण में भारत की ओर से मदद का ऐलान किया है. यह मस्जिद बेहद खास मूंगा पत्थरों से बनी है. मुस्लिम बहुल देश की संसद ‘मजलिस’ को संबोधित करते हुए शनिवार को मोदी ने उक्त घोषणा की. उन्होंने यह भी कहा कि भारत और मालदीव का संबंध तो इतिहास से भी पुराना है. उन्होंने कहा कि मालदीव की ‘फ्राइडे मस्जिद’ के संरक्षण में भारत मदद करेगा. इस मस्जिद को ‘हुकुरु मिस्की’ के नाम से भी जाना जाता है.