नई दिल्ली: देश में एक बार फिर पैर पसार रहे कोरोना महामारी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की. ऐसे में देश में बढ़ रहे कोरोना के मामलों और वैक्सीन के वितरण संबंधी मामलों पर पीएम ने बातचीत की. पीएम मोदी ने इस बैठक में कहा कि भारत वैक्सीन को हर कसौटी पर परखेगा और सबसे बेहतर वैक्सीन को ही लिया जाएगा. इस दौरान पीएम ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी और राज्य सरकारों को भी सतर्कता बरतने की बात कही. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में एक फिल्मी डायलॉग के चेतावनी के रूप में इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि हमें सतर्कता बरतनी होगी, वरना कहीं ऐसी स्थिति न पैदा हो जाए कि हमें ये कहना पड़े- मेरी किश्ती भी डूबी वहां, जहां पानी कम था. Also Read - Vaccination Suspended in Maharashtra: महाराष्ट्र में भी रोका गया कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम, जानें अब वैक्सीन लगेगी या नहीं..?

पीएम मोदी ने इस बैठक में कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई जारी है, राज्यों के मुख्यमंत्रियों के पास किसी प्रकार का अगर सुझाव है तो लिखित में दें ताकि उसपर विचार किया जा सके. उन्होंने तहा कि देश में कोरोना की टेस्टिंग जोरों पर है वहीं देश के जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन की आपूर्ति का काम चल रहा है. Also Read - Corona Vaccination in India, Day 1: सफल रहा टीकाकरण अभियान का पहला दिन, 1,91,181 लोगों को लगाया गया टीका

पीएम ने लोगों को भी सतर्कता बरतने व सरकारों द्वारा जारी दिशानिर्देश का उचित पालन करने को भी कहा. पीएम ने कहा कि हमारे पास आंकड़े हैं. जब देश में महामारी फैली तो लोगों में खौफ था, इस खौफ के कारण कई लोगों ने आत्महत्या कर ली. लोगों के अंदर एक दूसरे के प्रति संक्रमित होने को लेकर संदेह था. अभी लोग कोरोना को लेकर गंभीर हो चुके हैं लेकिन कुछ लोगों को यह लगने लगा है कि कोरोना वायरस कमजोर हो चुका है. लेकिन लापरवाही बरतने की जरूरत नहीं है. पीएम ने दूसरे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि अब हम गहरे समंदर की ओर बढ़ रहे हैं. ऐसे में हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है. Also Read - विश्व का सबसे टीकाकरण अभियान भारतीय वैज्ञानिकों और आत्मनिर्भर भारत की क्षमता को दर्शाता है: अमित शाह