नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 45वीं बार रेडियो के जरिए देश से ‘मन की बात’ करेंगे. प्रधानमंत्री हर महीने के आखिरी रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित करते हैं. सुबह 11 बजे से इस कार्यक्रम को रेडियो पर सुना जा सकेगा. पीएम मोदी इस कार्यक्रम में अपनी बात देश की जनता से साझा करेंगे, पीएम इस कार्यक्रम में देशभर से आए सुझावों को भी जगह देते हैं. Also Read - पीएम मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति और मॉरीशस के प्रधानमंत्री से की बात, बोले, संकट में साथ खड़ा है भारत

प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के 44वें कार्यक्रम में खेल और बचपन पर चर्चा करते हुए जगजीत सिंह के मशहूर गजल से बचपन को याद किया. पीएम ने कहा कि चिंता होती है कि कहीं हमारे खेल खो न जाए कहीं. खेलों के साथ ये बचपन न खो जाए. अगर ऐसा हुआ तो हम सिर्फ ये सुनते रह जाएंगे- ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो, भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी, मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन. Also Read - पाकिस्तान में भीषण विमान हादसा, कई लोगों की मौत होने की आशंका; पीएम मोदी ने ट्वीट कर जताया दुख

प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के 44वें एपिसोड में भारतीय नौ-सेना की 6 महिला कमांडरों द्वारा 250 से भी ज्यादा दिन समुद्र के माध्यम से आईएनएस तारिणी में पूरी दुनिया की सैर कर 21 मई को भारत वापस आने पर उन्हें नौसेना और भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए बधाई दी थी. ‘मन की बात’ के 44वें संस्करण को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिटनेस चैंलेज के बारे में बात की और कहा कि हम जितना खेलेंगे, देश उतना ही खिलेगा. Also Read - Amphan Cyclone: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा ऐलान, ओडिशा को एडवांस व्यवस्था के तौर पर दिए 500 करोड़ रुपये

‘मन की बात’ के 44वें कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को रमजान की शुभकामनाएं दी थीं. उन्होंने कहा था कि, रमजान के दौरान एक महीने के उपवास के बाद ईद का पर्व जश्न का प्रतीक है. इस अवसर पर बच्चों को ईदी भी मिलेगी. आशा करता हूं कि ईद का त्यौहार सद्भाव के बंधन को और मजबूत करेगा.

बता दें कि ‘मन की बात’ आकाशवाणी पर प्रसारित किया जाने वाला एक कार्यक्रम है जिसके जरिए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के नागरिकों को संबोधित करते हैं. इस कार्यक्रम का पहला प्रसारण 3 अक्तूबर 2014 को किया गया था.