Jammu and Kashmir Politics: जम्मू कश्मीर की सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ पीएम मोदी 24 जून को बैठक करेंगे. राजधानी दिल्ली में 24 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के लिए जम्मू-कश्मीर के 14 नेताओं को आमंत्रित किया गया है जिसमें तत्कालीन राज्य के चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं.Also Read - PM मोदी से मिलीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जानें किन-किन मुद्दों पर हुई बात

अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला केंद्र शासित प्रदेश के लिए भविष्य के कदम पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री आवास पर बैठक में आमंत्रित करने के लिए इन नेताओं से सम्पर्क किया. आमंत्रितों में चार पूर्व मुख्यमंत्री – नेशनल कांफ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती शामिल हैं. तत्कालीन राज्य के चार पूर्व उपमुख्यमंत्रियों – कांग्रेस नेता तारा चंद, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता मुजफ्फर हुसैन बेग और भाजपा नेताओं निर्मल सिंह और कवींद्र गुप्ता को भी बैठक में आमंत्रित किया गया है. Also Read - ममता बनर्जी पांच दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंचीं, प्रधानमंत्री व विपक्षी नेताओं से मुलाकात करेंगी

इसके अलावा, माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) प्रमुख अल्ताफ बुखारी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद लोन, जम्मू कश्मीर कांग्रेस प्रमुख जी ए मीर, भाजपा के रवींद्र रैना और पैंथर्स
पार्टी के नेता भीम सिंह को भी बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है. प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक के लिये आमंत्रित जम्मू कश्मीर के सभी 14 राजनेताओं से कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट पेश करने को भी कहा गया है. Also Read - New Education Policy: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के एक साल पूरा होने के अवसर पर प्रधानमंत्री करेंगे कार्यक्रम को संबोधित

बता दें कि 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के लगभग दो साल बाद, एक महत्वपूर्ण पहल में, प्रधानमंत्री मोदी जम्मू से मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के साथ बैठक करेंगे.

सूत्रों का कहना है कि केंद्रशासित प्रदेश में राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने के लिए केंद्र मुख्यधारा के राजनीतिक दलों तक पहुंच बना रहा है. जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने की अटकलों के बीच यह बैठक हो रही है.

नेकां, पीडीपी, कांग्रेस बोली, पार्टी में विचार-विमर्श के बाद बैठक में भाग लेने पर फैसला करेंगे

नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, कांग्रेस और माकपा ने शनिवार को कहा कि वे अपने-अपने दलों के भीतर विचार-विमर्श के बाद दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ बैठक में शामिल होने के बारे में फैसला करेंगे, जबकि भाजपा ने सभी आमंत्रित सदस्यों के सर्वदलीय बैठक में शामिल होने की उम्मीद जताई.

भाजपा और अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी ने बैठक में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है, जबकि पांच अन्य दलों- नेकां, पीडीपी, कांग्रेस, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और माकपा पार्टी के भीतर विचार-विमर्श के बाद बैठक में भाग लेने पर फैसला करेंगे. जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के भीम सिंह की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई है.

यह बैठक, केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को निरस्त करने और इसको दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा के बाद से इस तरह की पहली कवायद है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय नेताओं के भाग लेने की संभावना है.

नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए एक फोन आया था. उन्होंने श्रीनगर में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “यह स्वागत योग्य कदम है और मैं अगले कुछ दिनों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सलाह कर भविष्य के कदम पर चर्चा करूंगा.”

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि पीडीपी जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों को बातचीत के लिए केंद्र सरकार के निमंत्रण पर चर्चा करने के लिए रविवार को बैठक करेगी.

महबूबा ने कहा, “नयी दिल्ली के साथ बातचीत को लेकर कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं है. हालांकि, मैंने अपनी पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) से इस पर चर्चा करने के लिए बैठक करने को कहा है.” पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर की अंतिम मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वार्ता में भाग लेने का निर्णय पार्टी द्वारा लिया जाएगा. उन्होंने 2016 से 2018 तक भाजपा के साथ मिलकर बनाई गई गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया था.

महबूबा ने कहा, “बैठक का कोई एजेंडा नहीं है लेकिन मुझे बताया गया कि बैठक सामान्य स्थिति की समीक्षा करने और राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बुलाई जा रही है. कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं है.” नेकां नेता ने यह भी कहा कि पार्टी की बैठक के बाद, इस मुद्दे पर चर्चा के लिए गुपकर गठबंधन (पीएजीडी) की बैठक होने की संभावना है.

पीएजीडी जम्मू-कश्मीर के कुछ दलों का गठबंधन है, जिसमें नेकां और पीडीपी शामिल हैं, जो केंद्र सरकार के अगस्त 2019 के फैसलों के बाद बनाया गया था.

जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा कि उसके प्रमुख जी ए मीर को भी बैठक का निमंत्रण मिला है. शर्मा ने कहा, “पार्टी कुछ दिनों में वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श करने के बाद बैठक में भागीदारी के मुद्दे पर फैसला करेगी.” हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कदम उठाया जाता है तो उसका स्वागत है क्योंकि हितधारकों के साथ बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है.

एक अन्य आमंत्रित नेता, माकपा के वरिष्ठ नेता एम वाई तारिगामी ने कहा कि वह इस पर अंतिम निर्णय लेने से पहले अपनी पार्टी के साथ बैठक में भाग लेने के मुद्दे पर चर्चा करेंगे. माकपा नेता और गुपकर गठबंधन के प्रवक्ता तारिगामी ने कहा कि बैठक 24 जून को दोपहर तीन बजे निर्धारित है.

बता दें कि इस सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को निमंत्रण मिलने के कुछ घंटे बाद जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों ने शनिवार को उनके चाचा और पीडीपी के वरिष्ठ नेता सरताज मदनी को नजरबंदी से रिहा कर दिया. मदनी को 21 दिसंबर, 2020 को पीडीपी के एक अन्य वरिष्ठ नेता नईम अख्तर के साथ हिरासत में लिया गया था. सूत्रों ने यहां बताया कि मदनी की रिहाई 24 जून को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल होने के दिल्ली के निमंत्रण के बाद हुई.

सूत्रों का मानना है कि बैठक जम्मू-कश्मीर में एक समावेशी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा पहला कदम है, जिसे कभी भी परिसीमन आयोग अपना काम पूरा कर सकता है. आयोग का कार्यकाल इस साल मार्च में समाप्त हो गया था, लेकिन इसे मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया था.

(इनपुट भाषा)