नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानि शुक्रवार को प्रचंड चक्रवात ‘अम्फान’ से बुरी तरह प्रभावित राज्‍य पश्चिम बंगाल और ओडिशा जाएंगे और वहां हुई तबाही का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. यह सूचना पीएमओ के अधिकारिक टि्वटर हैंडल पर दी गई है.Also Read - नेताजी की जयंती पर बंगाल में हंगामा, माल्यार्पण को लेकर भिड़े TMC-BJP कार्यकर्ता; धक्का मुक्की के बाद हुई फायरिंग

पीएमओ से जारी सूचना के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चक्रवात अम्फान के मद्देनजर स्थिति का जायजा लेने के लिए पश्चिम बंगाल और ओडिशा की यात्रा करेंगे. वह हवाई सर्वेक्षण करेंगे और समीक्षा बैठकों में हिस्सा लेंगे, जहां राहत और पुनर्वास के पहलुओं पर चर्चा की जाएगी. Also Read - जानिए क्या है Teleprompter और कैसे करता है काम? जिसे लेकर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कसा तंज

इससे पहले पीएम ने कहा था मोदी ने कहा कि चक्रवात से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी. Also Read - Azadi Ka Amrit Mahotsav: ‘आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर’ कार्यक्रम की हुई शुरुआत, पीएम मोदी ने किया संबोधित

मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, ”मैंने चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ के कारण पश्चिम बंगाल में नुकसान के दृश्य को देखा है. यह चुनौतीपूर्ण समय है, पूरा देश पश्चिम बंगाल के साथ एकजुट होकर खड़ा है. राज्य के लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना कर रहा हूं. स्थिति सामान्य करने के लिए प्रयास जारी हैं.”

उन्होंने कहा, ”शीर्ष अधिकारी स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ करीबी समन्वय में काम भी कर रहे हैं. प्रभावित लोगों की मदद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी.”

बता दें कि पश्चिम बंगाल में सौ साल के अंतराल में आए इस भीषणतम चक्रवाती तूफान ने मिट्टी के घरों को ताश के पत्तों की तरह उड़ा दिया, फसलों को नष्ट कर दिया और पेड़ों तथा बिजली के खंभों को भी उखाड़ फेंका है. इसने ओडिशा में भी भारी तबाही मचाई है जहां तटीय जिलों में विद्युत और दूरसंचार से जुड़ा आधारभूत ढांचा नष्ट हो गया है. ओडिशा के अधिकारियों के आकलन के अनुसार, चक्रवात से लगभग 44.8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में प्रचंड चक्रवात ‘अम्फान’ से 72 लोगों की मौत हो गई और दो जिलों में भीषण तबाही हुई है। तूफान से हजारों लोग बेघर हो गए हैं, कई पुल नष्ट हो गए हैं और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं. कोलकाता और राज्य के कई अन्य हिस्सों में तबाही के निशान स्पष्ट देखे जा सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि चक्रवात से प्रभावित लोगों की मदद के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी.