जकार्ता: भारत और इंडोनेशिया अपने द्विपक्षीय रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नये उच्चस्तर पर ले जाने को सहमत हुए हैं. दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र नौवहन का आह्वान किया और रक्षा सहयोग सहित कुल 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किए. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो के बीच बुधवार को हुई ‘‘सफल बातचीत’’ में इन मुद्दों पर सहमति बनी.

मंगलवार रात पहली आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे पीएम मोदी
मोदी मंगलवार रात इंडोनेशिया की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर जकार्ता पहुंचे. बुधवार सुबह यहां मरडेका महल में उनका भव्य स्वागत किया गया. मरडेका महल इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के निवासों में से एक है. प्रतिनिधि स्तर की वार्ता से पहले दोनों नेताओं के बीच एकांत में बातचीत हुई. बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक सहयोग, बेहतर आर्थिक संबंधों को बनाये रखने के तौर तरीकों, करीबी सांस्कृतिक रिश्तों के साथ साथ आपसी हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई. मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘राष्ट्रपति जोको विदोदो के साथ उपयोगी बातचीत हुई. इस बात की प्रसन्नता है कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध मजबूत हो रहे हैं. हमने रणनीतिक सहयोग, आर्थिक संबंधों की बेहतरी सुनिश्चित करने और दोनों राष्ट्रों के बीच नजदीकी सांस्कृतिक संबंध स्थापित करने पर बातचीत की.’’

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रणनीतिक भागीदारी को लेकर सहमति
बातचीत के बाद एक संयुक्त प्रेस बयान में मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया ने अपने संबंधों को और ऊपर उठाकर व्यापक रणनीतिक भागीदारी के स्तर पर ले जाने पर सहमति जताई है. मोदी ने कहा कि भारत की ‘पूर्व में काम करो नीति’ (एक्ट ईस्ट नीति) और सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा एवं वृद्धि) दृष्टिकोण राष्ट्रपति विदोदो की ‘मैरीटाइम फुल्करम विजन’ से मेल खाता है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘पड़ोसी और साझीदार के तौर पर हमारी चिंताएं समान हैं. यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम समुद्री सुरक्षा और संरक्षा को सुनिश्चित करें. यह हमारे आर्थिक हितों को बनाए रखने के लिए भी जरूरी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदार के तौर पर एक-दूसरे की प्रगति और भलाई में हमारे साझा हित हैं. यही वजह है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए हम साझा दृष्टिकोण और सिद्धांतों पर सहमत हुए हैं.’’ मोदी ने हाल में इंडोनेशिया के दूसरे सबसे बड़े शहर सुरबाया में तीन गिरजाघरों पर हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की, साथ ही कहा कि आतंक से जकार्ता की लड़ाई में भारत उसके साथ खड़ा है.

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आतंकवाद के खात्‍मे पर जोर
बयान में दोनों नेताओं ने आतंकवाद के हर प्रकार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने सभी देशों से आतंकवाद के नेटवर्क और उनके वित्तीय माध्यमों को खत्म करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया. दोनों नेताओं ने कट्टरवाद को खत्म करना अनिवार्य बताया. साथ ही शांतिपूर्ण बहुलतावाद को प्रोत्साहन देने के महत्व को भी रेखांकित किया. मोदी ने कहा, ‘‘इस तरह की घटनाएं हमें बताती हैं कि वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से लड़ने के प्रयासों को मजबूत किया जाना मौजूदा समय की मांग है.’’

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15 समझौतों पर हस्‍ताक्षर
दोनों देशों ने रक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रेलवे और स्वास्थ्य इत्यादि क्षेत्रों में कुल 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश अपने द्विपक्षीय व्यापार को 2025 तक 50 अरब डॉलर पर ले जाने के लिए अपने प्रयासों को दोगुना करेंगे. दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के समूह आसियान के राष्ट्र प्रमुखों के इस वर्ष जनवरी में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के मौके को याद करते हुए मोदी ने कहा कि भारत-आसियान साझेदारी ना सिर्फ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति की गारंटी बन गई है बल्कि यह उससे भी आगे बढ़ चुकी है. बयान के मुताबिक दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को एक ऐसा मुक्त, खुला, पारदर्शी, नियम आधारित, शांतिपूर्ण, समृद्ध और समावेशी क्षेत्र बनाने की वकालत की जहां संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता, अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन, विशेषकर समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र संधि का पालन, नौवहन और उड़ान भरने की स्वतंत्रता, सतत विकास, खुला-मुक्त-निष्पक्ष और आपस में फायदा देने वाला व्यापार और निवेश व्यवस्था हो.

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हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामुद्रिक सहयोग पर साझा दृष्टिकोण
दोनों नेताओं ने ‘भारत और इंडोनेशिया के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामुद्रिक सहयोग पर साझा दृष्टिकोण’ को स्वीकार किए जाने का स्वागत किया. इसका मकसद दोनों तरफ से सामुद्रिक क्षेत्र में सहयोग को विकसित करना है जो क्षेत्र में स्थिरता ला सके. दोनों नेताओं ने राजनीतिक, रणनीतिक, रक्षा, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्र में दोनों देशों के नजदीक आने का स्वागत किया. दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए और रक्षा क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया. यह समझौता दोनों देशों के बीच मौजूदा रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाएगा. उन्होंने दोनों देशों के अधिकारियों के बीच साझा विश्वास को बढ़ाने के लिए नियमित बैठक, सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों के बीच मुलाकात को बढ़ावा देने पर बातचीत की. दोनों ने अपने अधिकारियों को रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन के लिए रक्षा उद्योगों के बीच दोनों पक्ष के लिए फायदेमंद साझेदारी को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए.

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अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की तैयारी
दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) समझौते पर तेजी से काम कर इसे जल्द अंतिम रुप देने पर भी सहमति जतायी. साथ ही परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए सहयोग की संभावना का भी स्वागत किया और इस संबंध में एक समझौते को जल्द नया रूप देने पर भी सहमति जतायी. दोनों देशों ने संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन, फिल्म और लोगों के बीच आदान-प्रदान को तेज करने के लिए सहयोग पर सहमति जतायी है. मोदी ने सवा सौ करोड़ भारतीयों की ओर से इंडोनेशिया के लोगों को ईद की बधाई भी दी. उन्होंने कहा, ‘‘सवा सौ करोड़ भारतवासियों की ओर से मैं आपकी समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना करता हूं.’’ इंडोनेशिया दुनिया का सबसे ज्यादा मुस्लिम बहुल आबादी वाला देश है.