नई दिल्ली: शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार को बिश्केक जा रहे पीएम नरेंद्र मोदी का विमान पाकिस्तान के वायुक्षेत्र से नहीं गुजरेगा. विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री का विमान किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक पहुंचने के लिए ओमान, ईरान और कुछ अन्य मध्य एशियाई देशों के ऊपर से उड़ान भरेगा. बता दें कि सोमवार को पाकिस्तान के एक अधिकारी ने बताया था कि इस्लामाबाद ने भारत के अनुरोध को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी है.

मोदी वहां रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत आठ देशों के एससीओ समूह के अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. मोदी सम्मेलन में स्पष्ट तौर पर पाकिस्तान के संदर्भ में सरकार प्रायोजित आतंकवाद से दुनिया को होने वाले खतरे पर प्रकाश डालेंगे.

इस फैसले में स्पष्ट तौर पर पाकिस्तान को झटका दिया गया है, क्योंकि पाकिस्तान ने सोमवार को कहा कि उसने प्रधानमंत्री के विमान को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होते हुए बिश्केक जाने की अनुमति देने का ‘सैद्धांतिक रूप से’ फैसला लिया है.

ओमान, ईरान और मध्य एशियाई देशों से गुजरेगा वीवीआईपी प्‍लेन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया, भारत सरकार ने वीवीआईपी विमान के बिश्केक जाने के मार्ग के लिए दो विकल्पों पर गौर किया था. अब फैसला लिया गया है कि वीवीआईपी विमान बिश्केक जाने के लिए ओमान, ईरान और मध्य एशियाई देशों से गुजरेगा. वह बिश्केक जाने के लिए प्रधानमंत्री के विमान द्वारा चुने जाने वाले रास्ते के संबंध में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे.

एससीओ में मोदी और इमरान खान के बीच मीट‍िंग नहीं
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं और ऐसी अटकलें हैं कि वह और मोदी बहुपक्षीय मंच के इतर बैठक कर सकते हैं. हालांकि, सोमवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच इस तरह की कोई बैठक का कोई कार्यक्रम नहीं है.

पाक ने फिर वार्ता शुरू करने की अपील की थी
बिश्केक जाने के लिए प्रधानमंत्री के यात्रा मार्ग पर भारत के फैसले से हैरानी हुई है, क्योंकि उसने पाकिस्तान के वायुक्षेत्र से होकर गुजरने के वास्ते केवल मोदी के विमान के लिए अनुरोध किया था. एक सप्ताह पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपने भारतीय समकक्षों को पत्र लिखकर द्विपक्षीय वार्ता फिर शुरू करने की अपील की थी.

इमरान और मोदी के बीच टेलीफोन पर हुई थी बात
खान ने 26 मई को मोदी से टेलीफोन पर बात भी की थी और दोनों देशों के लोगों की बेहतरी के लिए साथ मिलकर काम करने की इच्छा प्रकट की थी. इस पर, मोदी ने कहा था कि क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए विश्वास पैदा करने और हिंसा तथा आतंकवाद मुक्त माहौल बनाना जरूरी है.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पाक ने दी थी अनुमति
पिछले महीने पाकिस्तान ने तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को बिश्केक में एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तानी वायु क्षेत्र से होकर जाने की विशेष अनुमति दी थी. बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी प्रशिक्षण कैंप पर भारतीय वायु सेना की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने 26 फरवरी को अपने वायु क्षेत्र को पूरी तरह बंद कर दिया था.