Corona crisis in India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के विभिन्न राज्यों में कोविड से पैदा हुए संकट की समीक्षा करते हुए अधिक संक्रमण वाले जिलों की पहचान और रोकथाम के उपाय पर जोर दिया. इस दौरान एक लाख से अधिक एक्टिव केस वाले 12 राज्य और अधिक संक्रमण वाले जिलों के बारे में पीएम मोदी ने अफसरों से जानकारी ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों में स्वास्थ्य व्यवस्था के ढांचे के बारे में जानकारी लेते हुए इसे दुरुस्त करने के लिए केंद्र सरकार के स्तर से मार्गदर्शन करने का निर्देश दिया. Also Read - यूपी में कोरोना से मौतों का सिलसिला जारी, 24 घंटे में 55 लोगों की गई जान

त्वरित और समग्र रोकथाम उपायों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी को दस प्रतिशत या अधिक पॉजिटिविटी रेट वाले जिलों के बारे में जानकारी दी गई. प्रधानमंत्री ने उच्च संक्रमण दर वाले ऐसे जिलों पर खासतौर से फोकस करने का निर्देश दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने दवाओं की उपलब्धता की बारे में जानकारी ली. उन्हें बताया गया कि दवाओं और रेमडेसवीर इंजेक्शन के प्रोडक्शन बढ़ाने की दिशा में कार्य चल रहा है. Also Read - अब कर्नाटक पहुंचा कोरोना का ‘डेल्टा प्लस’ वैरिएंट, पहला केस मिला, देश में बढ़ रही इससे संक्रमितों की संख्या

प्रधानमंत्री मोदी ने वैक्सीन प्रोडक्शन बढ़ाने और वैक्सीनेशन पर जोर दिया. बैठक में प्रधानमंत्री मोदी को बताया गया कि 17.7 करोड़ वैक्सीन राज्यों को भेजी गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों में बर्बाद हुई वैक्सीन की भी जानकारी ली. प्रधानमंत्री को बताया गया कि 45 वर्ष से अधिक उम्र की 31 प्रतिशत आबादी को पहली डोज लग चुकी है. इस बैठक में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, पीयूष गोयल, मनसुख मंडावाविया आदि मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे. Also Read - टीका न लगवाया तो नहीं मिलेगा वेतन, सरकारी कर्मचारियों के लिए अगले महीने से लागू होगा नियम

(इनपुट आईएएनएस)