नई दिल्ली: लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्ष और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने अपनी स्पीच के दौरान शेरो शायरी भी सुनाई. महात्मा गांधी से लेकर भीमराव आंबेडकर का ज़िक्र किया और आज के ही दिन 1983 में इमरजेंसी की जमकर आलोचना की.

ये हैं पीएम की स्पीच की बड़ी बातें

1. पीएम मोदी ने आज के ही दिन 1983 में लगाई गई इमरजेंसी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा कि 25 जून की रात देश की आत्मा को कुचल दिया गया. और इसका दाग कभी नहीं मिटने वाला है.

2. सत्ता गंवाने के डर से इमरजेंसी लगा दी गई थी. कुछ लोग सिर्फ एक ही परिवार का नाम सुनना चाहते हैं.

3. हम पर हमले किए जाते हैं क्योंकि हमने किसी को भी जेल में नहीं डाला है. ये इमरजेंसी नहीं है कि सरकार किसी को भी जेल में डाल दे. ये लोकतंत्र है. और यहां
न्यायालय व्यवस्था ही निर्णय लेती है. और जो बेल पर हैं, उन्हें आनंद लेना चाहिए. हम कोई प्रतिशोध नहीं लेते हैं.

4. प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस से कहा- अटल बिहारी वाजपेयी को छोड़िए, आपने तो पीवी नरसिंह राव की भूमिका को भी स्वीकार नहीं किया.

5. भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी.

6. ट्रिपल तलाक को किसी धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए. शाह बानो केस मामले में कांग्रेस ने बड़ा मौका गंवा दिया. अब तीन तलाक बिल को समर्थन देकर कांग्रेस अपनी गलती सुधार सकती है. इस बिल से महिलाओं का सम्मान जुड़ा है.

7. इस बार महात्मा गांधी की 150 जयंती और भारत की आज़ादी की 75वीं सालगिरह का जश्न किसी पार्टी का नहीं बल्कि देश का एजेंडा है.

8. आज हम पानी के संसाधनों और पानी को बचाने का ज़िक्र करते हैं. ऐसे में मुझे बाबा साहब आंबेडकर याद आते हैं जो इसके लिए बेहद चिंतित और सक्रिय थे.

9. देश ने 2019 का जनादेश पूरी तरह कसौटी पर कसने, हर तराजू पर तौलने के बाद और पूरी जांच-परख के बाद दिया. जनता ने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति का अनुमोदन किया.

10. हमें सुरक्षित, मजबूत और समावेशी राष्ट्र के सपने को साकार करने के लिए साथ मिलकर चलना होगा.

11. हमने आम लोगों के कल्याण के लिए काम किया और आधुनिक अवसंरचना के विकास के लिए भी काम किया. देश की अर्थव्यवस्था को पांच हजार अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना चाहिए.

12. मैं ऊंचे सपने देखता हूं. उन्होंने एक शेर ‘जब इरादा कर लिया है ऊंची उड़ान का, तब फिजूल है देखना कद आसमान का’ सुनाया.