नई दिल्लीः एयर इंडिया ने हाल ही में दो बोइंग 777-300 ईआर विमान खरीदे हैं. इनको वीआईपी उपयोग के हिसाब से तैयार किया जाएगा. इसमें प्रेस कॉन्फ्रेंस रूम और आपात मेडिकल सेवाओं के लिए एक विशेष इकाई होगी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विमान में वाई- फाई की सुविधा होगी और यह मिसाइल रोधी सुरक्षा से युक्त होगा.

बोइंग777 बीच में कहीं रुके बिना अमेरिका तक का सफर तय कर सकता है. ऐसे में ईंधन भरने के लिए विमान को बीच में कहीं उतरना नहीं होगा. एयर इंडिया ने फरवरी और मार्च में तीन बोइंग 777 विमान लिए और इसके साथ ही 2006 में 68 विमानों के लिए किया ऑर्डर पूरा हो गया. इन तीन विमानों में से दो का इस्तेमाल वीवीआईपी के लिए किया जाएगा.

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार इन विमानों को एयर इंडिया से खरीदेगी. अगले वित्त वर्ष के बजट की घोषणा के दौरान सरकार ने एयर इंडिया से इन विमानों की खरीद के लिए 4,469.50 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की थी.गौरतलब है कि आर्थिक तंगी का सामना कर रही एयर इंडिया का सरकार पर 325 करोड़ रुपए का बकाया है.

यह बकाया दूसरे देशों के लिए वीपीआईपी चार्टर्ड विमानों की सेवा से संबंधित है. सूचना के अधिकार के तहत एक जवाब में एयर इंडिया ने वीवीआईवी यात्राओं की सेवा से जुड़े विभिन्न मंत्रालयों के पास बकाए बिल का ब्यौरा दिया है. राष्ट्रीय विमानन कंपनी की ओर से आठ मार्च को उपलब्ध कराए गए ब्यौरे के मुताबिक वीवीआईपी चार्टर्ड विमानों की सेवा के लिए 31 जनवरी, 2018 तक 325.81 करोड़ रुपए का बकाया था.

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इस राशि में से 84 .01 करोड़ रुपये पिछले वित्त वर्ष का बकाया है और 241.80 करोड़ रुपए के बिल इस वित्त वर्ष के हैं. चार्टर्ड वमानों का इस्तेमाल राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे वीवीआईपी के विदेश दौरों के लिए किया जाता है. ये विमान एयर इंडिया द्वारा मुहैया कराए जाते हैं. एयर इंडिया का बकाया रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय पर है.