मुंबईः पुलिस ने शुक्रवार को यहां एक अदालत में कहा कि पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक ने एचडीआईएल समूह के 44 ऋण खातों को 21,000 से अधिक फर्जी ऋण खातों में बदल दिया और इस प्रकार समूह द्वारा की गयी चूक को छिपाने में मदद की. नगर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राकेश वधावन और उनके बेटे सारंग को हिरासत में दिए जाने का अनुरोध लेते हुए यह खुलासा किया.

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अदालत ने दोनों को नौ अक्टूबर तक के लिए पुलिस (ईओडब्ल्यू) हिरासत में भेज दिया. आर्थिक अपराध शाखा ने बैंक को 4,355.43 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में एचडीआईएल और पीएमसी बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है. इनमें बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थामस शामिल हैं. हिरासत में दिए जाने के अनुरोध वाली याचिका में कहा गया है कि 31 मार्च, 2018 को समाप्त वर्ष के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक को सौंपे गए ऋण खातों के विवरण में पीएमसी ने एचडीआईएल और उस समूह के 44 ऋण खातों को 21,049 फर्जी ऋण खातों में बदल दिया.

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उन ऋणों का ब्यौरा कोर बैंकिंग सिस्टम में दर्ज नहीं किया गया. इसमें कहा गया है कि बैंक के निदेशक मंडल और अधिकारियों को इसकी पूरी जानकारी थी. अदालत को सूचित किया गया कि जांच के दौरान कंपनी की 3,500 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गयी थी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी धनशोधन कानून के तहत अलग जांच कर रहा है. ईडी अधिकारियों ने शुक्रवार को मुंबई और उसके आसपास के छह स्थानों पर छापे मारे.