मुंबई। वित्त मंत्रालय पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुए 11,400 करोड़ रुपये के घोटाले को सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ मिलकर काम कर रहा है. वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने शनिवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार घोटाले के कथित सूत्रधार नीरव मोदी को देश वापस लाने और सजा देने की कोशिश करेगी. एसोचैम के एक कार्यक्रम में शुक्ला ने संवाददाताओं से कहा कि वित्त मंत्रालय प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ चर्चा कर रहा है. प्रधानमंत्री कार्यालय से जो भी तय किया जाएगा, वित्त मंत्रालय उसे लागू करने की कोशिश करेगा. Also Read - कांग्रेस एक रिटायर्ड के जज के जरिए भगोड़े नीरव मोदी को बचाने की कोशिश कर रही है: केंद्रीय मंत्री प्रसाद

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उन्होंने कहा कि पीएनबी घोटाले की जांच अभी जारी है और सरकार किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेगी, उन्होंने कहा कि हम नीरव मोदी को देश वापस लाने की कोशिश करेंगे और किए गए घोटाले के लिए दंडित करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पिछले महीने विश्व आर्थिक मंच गए कारोबारी प्रतिनिधिमंडल में नीरव मोदी के भी शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह (नीरव मोदी) प्रधानमंत्री के साथ नहीं था. कई लोगों को वहां बुलाया गया था और इसी वजह से वहां उपस्थित था. Also Read - PNB घोटाले के आरोपी नीरव मोदी के खिलाफ ब्रिटेन में कॉन्फ्रेंस के जरिए शुरू होगी प्रत्यर्पण की सुनवाई

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक पहले ही यह कह चुका है कि यदि गलती पीएनबी के तरफ से हुई है तो उसे घोटाले का शिकार बने अन्य बैंकों को भुगतान करना पड़ेगा. ऐसी मीडिया रिपोर्टें थी कि रिजर्व बैंक ने पीएनबी को अपने गारंटी पत्र के एवज में भुगतान करने का निर्देश दिया है. हालांकि रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को जारी एक बयान में ऐसा कोई निर्देश देने से इंकार किया है.

14 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजे गए तीन आरोपी

मुंबई की एक विशेष अदालत ने पीएनबी घोटाले में गिरफ्तार तीन लोगों को 14 दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया. अदालत ने कहा कि इस घोटाले से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी. सीबीआई ने अदालत से कहा है कि उसे मामले में पीएनबी के और अधिकारियों के संलिप्त होने का संदेह है. एजेंसी ने कहा कि अभी तक इस पूरे घोटाले का सामने आना बाकी है. इस घोटाले का पूरा आकार, दूसरे आरोपियों की पहचान, उनकी भूमिका और घोटाले में पहुंचे धन का अंतिम लाभ कहां पहुंचा इसका खुलासा होना बाकी है.

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सीबीआई ने पीएनबी के तत्कालीन उप प्रबंधक (सेवानिवृत) गोकुलनाथ शेट्टी, पीएनबी के सिंगल विंडो ऑपरेटर मनोज खराट और अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता हेमंत भट्ट को शनिवार को गिरफ्तार किया था.

राहुल गांंधी ने साधा पीएम मोदी पर निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘देश के सबसे बड़े बैंक घोटाले’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए इसकी ‘अनदेखी’ करने का आरोप लगाया और उनसे यह बताने के लिए कहा कि ‘इतना बड़ा घोटला क्यों और कैसे हुआ?’ राहुल ने बैंक घोटाले की चर्चा करते हुए संवाददाताओं से कहा कि इसकी शुरुआत हुई आठ नवंबर (2016) को जब मोदीजी ने 500 और 1000 रुपये का नोट रद्द किया. उस समय उन्होंने पूरे देश का पैसा लोगों की जेब से निकाल कर बैंकिंग प्रणाली में डाल दिया.

राहुल ने कहा कि अब अजीब सी बात है कि नीरव मोदी 22 हजार करोड़ रुपये निकाल कर ले जाते हैं. प्रधानमंत्री शायद एक घंटा 45 मिनट परीक्षाएं लेना सिखाते हैं. किंतु मोदीजी यह नहीं बता सकते कि नीरव मोदी ने जो देश के 22 हजार करोड़ रुपये छीन लिए, उसके बारे में कौन जिम्मेदार है?’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अलग अलग मंत्री आ रहे हैं (स्पष्टीकरण देने). सामाजिक न्याय मंत्री, रक्षा मंत्री आए. किंतु प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री, जो इसके बारे में जिम्मेदार हैं, उन्होंने एक भी शब्द नहीं कहा.

भाषा इनपुट