नई दिल्ली: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी कभी हीरे और आभूषणों के बाजार की हस्ती था, आज उसके सितारे गर्दिश में हैं. अर्श से फर्श तक की उसकी इस कहानी को बाजार में जल्द आने वाली एक नयी किताब ‘फ्लॉड : द राइज एंड फॉल ऑफ इंडियाज डायमंड मुगल नीरव मोदी’ में प्रस्तुत किया गया है. पत्रकार-लेखक पवन सी. लाल किताब देश के बैंकिंग क्षेत्र के अब तक के सबसे बड़े रिण घोटाले पर केंद्रित है.

पंजाब नेशनल बैंक रिण घोटाला यानी ‘पीएनबी धोखाधड़ी’ के रूप में चर्चित इस कथित घोटाले का सूत्रधार नीरव मोदी (48) इस समय ब्रिटेन में जेल में है और भारतीय एजेंसियां उसे वापस लाने की कानूनी कार्रवाई में लगी हैं. इस घोटाले में आयात रिण के लिए गारंटी में हेराफेरी से सरकारी क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक को दो अरब डॉलर की चपत लगी है. किताब की प्रकाशक कंपनी हैशेट ने एक बयान में कहा कि यह (किताब) मोदी के शुरुआती जीवन और अपने मामा मेहुल चौकसी के साथ कारोबारी संबंधों का रेखाचित्र खींचती है. यह उसके शिखर तक पहुंचने और फिर एक बुरे स्वप्न की तरह उससे नीचे आने की पूरी कहानी दिखाती है.

प्रकाशक ने कहा कि इस किताब को लेखक ने निजी साक्षात्कारों, मुलाकातों और शोध के आधार पर लिखा है. लेखक का दावा है कि यह मोदी की कहानी के ‘कई छिपे हुए रोचक’ पहलुओं को उजागर करेगी. यह किताब 31 अगस्त को बाजार में आ रही है. हीरा कारोबार से जुड़े भारतीय मूल के एक परिवार की तीसरी पीढ़ी का सदस्य नीरव मोदी कारोबार करने के लिए बेल्जियम से भारत आया. वह अपने अंतरमहाद्वीपीय नेटवर्क के दम पर जल्द ही कारोबार में काफी आगे बढ़ गया और ब्रांडेड आभूषणों का कारोबार करने वाला देश का बड़ा नाम बन गया. मोदी ने हांगकांग, न्यूयॉर्क और लंदन जैसी विदेशी जगहों पर अपने ब्रांड की पहचान बनायी. घोटाला उजागर होने के बाद उसका यह साम्राज्य छिन्न भिन्न हो चुका है.