नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के सिलसिले में सीबीआई ने मंगलवार को इलाहाबाद बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) ऊषा अनंतसुब्रमण्यन से पूछताछ की. इस घोटाले में अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी कथित तौर पर शामिल हैं. स्टॉक एक्सचेंजों में देर रात दाखिल एक दस्तावेज में पीएनबी ने कहा कि घोटाला अब बढ़कर 20 करोड़ 42 लाख अमेरिकी डॉलर का हो गया है. नीरव और मेहुल की ओर से बैंक में की गई कथित धोखाधड़ी का आंकड़ा बढ़कर अब दो अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है.

ऊषा हाल में भारतीय बैंक संगठन (आईबीए) की प्रमुख नियुक्त की गई हैं. वह पीएनबी में वरिष्ठ पद पर काम कर चुकी हैं, जहां नीरव और मेहुल को 2011 से ही धोखाधड़ी भरी गारंटियां मिल रही थीं. वह 14 अगस्त 2015 से लेकर करीब 20 महीनों तक पीएनबी की एमडी सह सीईओ रहीं. छह मई 2017 को वह इलाहाबाद बैंक में नियुक्त की गईं. उन्होंने जुलाई 2011 से नवंबर 2013 तक बैंक की कार्यकारी निदेशक का पदभार भी संभाला था.

सीबीआई ने कहा कि ऊषा को आरोपी मानकर पूछताछ नहीं की जा रही है, लेकिन एजेंसी यह स्पष्टीकरण चाहती है कि इतने बड़े पैमाने पर हो रहे लेन-देन बैंक की निगरानी प्रणाली से कैसे बच निकलते थे और क्या ऑडिट रिपोर्टों में इन लेन-देन पर कोई सवाल उठाया गया था. पीएनबी के पांच वैधानिक ऑडिटरों से भी एजेंसी ने इस बाबत पूछताछ की है. सीबीआई को संदेह है कि ऑडिट रिपोर्टों में इन लेन-देन को रेखांकित किया जा रहा था, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी अनदेखी की. हालांकि, उन्होंने कहा कि यह महज एक संदेह है जिसका सत्यापन साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा.

सीबीआई अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि नीरव और मेहुल की ओर से बैंक में की गई कथित धोखाधड़ी का आंकड़ा बढ़कर अब करीब दो अरब डॉलर तक पहुंच गया है. यह बात तब सामने आई जब सीबीआई और पीएनबी को मेहुल की गीतांजलि ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े 1,251 करोड़ रुपए के नए शपथ पत्र (एलओयू) और साख-पत्र (एलसी) मिले. पीएनबी ने पहले कहा था कि 11,394 करोड़ रुपए (1.77 अरब अमेरिकी डॉलर) की धोखाधड़ी हुई है. मेहुल की कंपनियों की खाता-पुस्तिकाओं की जांच में भी यह बात सामने आई कि आईसीआईसीआई की अगुवाई वाले 34 बैंकों के एक समूह से 5,280 करोड़ रुपए से ज्यादा के कर्ज लिए गए. अधिकारियों ने बताया कि कर्ज की रकम और गीतांजलि ग्रुप की ओर से इस्तेमाल किए गए धन की कड़ी का ब्योरा हासिल करने के लिए सीबीआई ने एक अन्य जानेमाने बैंकर एन एस कन्नन (आईसीआईसीआई बैंक) से भी पूछताछ की. एक बयान में आईसीआईसीआई बैंक ने कहा कि उसे नीरव मोदी ग्रुप ऑफ कंपनीज के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

फाइल फोटो

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दूसरी ओर, बैंकों ने पीएनबी धोखाधड़ी मामलों में संदिग्ध मेहुल चोकसी के नेतृत्व वाली गीतांजलि जेम्स कंपनी की फॉरेंसिक ऑडिट का फैसला किया है ताकि संभावित गड़बड़ियों का पता लगाया जा सके. इस फैसले में दो दर्जन से ज्यादा बैंक शामिल हैं. आईसीआईसीआई बैंक के नेतृत्व वाले 31 कर्जदाताओं ने कंपनी को 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा दे रखा है और गीतांजलि जेम्स किसी तरह की वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल थी इसका पता लगाने के लिये टी.आर. चड्ढा एंड कंपनी को नियुक्त किया है.

ऑडिट के परिणाम बैंकों को यह फैसला करने में मदद करेंगे कि इन ऋण खातों को किस तरह का माना जाए. पंजाब नेशनल बैंक ने गीतांजलि को 1,000 करोड़ रुपए से कम दिया है. गीतांजलि का खाता कर्जदाताओं के खाते में अभी भी एक मानक है लेकिन धोखाधड़ी खाते के रूप में वर्गीकृत होने पर उसका निपटारा अलग तरह से करना होता है. निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने बयान में कहा कि उसने गीतांजलि जेम्स को धन दिया लेकिन नीरव मोदी द्वारा प्रवर्तित फर्मों को राशि नहीं दी है. बैंक ने कंपनी में 600 करोड़ रुपए से ज्यादा लगाया है.