नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक में हुए घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. इंटरपोल कुल मिलाकर 7 तरह के नोटिस जारी कर सकता है. इनमें से छह नोटिस के नाम कलर के नाम पर रखे गए हैं. रेड कॉर्नर नोटिस भी इन्हीं में से एक है. रेड कॉर्नर नोटिस किसी सदस्य देश के कहने पर जारी किया जाता है. इसका मकसद सभी सदस्य देशों को यह सूचना देना होता है कि किसी खास शख्स के खिलाफ उसके देश में अरेस्ट वॉरंट जारी हो चुका है. रेड कॉर्नर नोटिस इंटरनेशनल अरेस्ट वॉरंट नहीं होता क्योंकि अरेस्ट वॉरंट जारी करने का हक संबंधित देश को है, लेकिन मोटे तौर पर इसे इंटरनेशनल अरेस्ट वॉरंट की तरह ही लिया जाता है. इंटरपोल ऐसे लोगों को गिरफ्तार करने के लिए न तो अपने अधिकारियों को भेजता है और न ही अपने सदस्य देशों में से किसी से यह डिमांड करता है कि उस शख्स को गिरफ्तार किया जाए.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले विदेश मंत्रालय ने कई यूरोपीय देशों को पत्र लिखकर बैंक धोखाधड़ी मामले में फरार हीरा कारोबारी नीरव मोदी का पता लगाने में मदद करने को कहा था. मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसके पास एक से अधिक भारतीय पासपोर्ट नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि मंत्रालय ने विदेश में अपने सभी मिशनों को भी संदेश भेजा है कि वे स्थानीय सरकारों से संपर्क करके अनुरोध करें कि वे नीरव मोदी को अपने देश में प्रवेश नहीं करने दें और भारत को सूचित करें कि क्या वह वहां रह रहा है.

ऐसी खबरें हैं कि पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में वांछित नीरव मोदी ने पिछले कुछ सप्ताहों में ब्रिटेन , फ्रांस और बेल्जियम की यात्रा की है. कुमार ने कहा कि हमने अपने सभी मिशनों के साथ-साथ कुछ देशों को संदेश भेजकर स्थानीय सरकारों से अनुरोध किया है कि वे उसे अपने देश में प्रवेश नहीं दें और अगर वह उनके देश में रह रहा है तो हमें सूचित करें. कुमार ने यह भी कहा कि नीरव मोदी को नया पासपोर्ट तब जारी किया गया जब उसका पिछला पासपोर्ट रद्द कर दिया गया था.

किसी भी समय उसके पास एक से अधिक वैध पासपोर्ट नहीं था. आप सबको पता है कि हमारी एजेंसियों की सलाह के आधार पर फरवरी में उसका पासपोर्ट निलंबित कर दिया गया और उसके बाद उसे वापस ले लिया गया. उनका स्पष्टीकरण उन खबरों के बाद आया है जिसमें कहा गया कि नीरव मोदी के पास कई पासपोर्ट हैं. कुमार ने कहा कि पासपोर्ट वापस लेने का नोटिस भारत और दूसरे मुल्कों के साथ – साथ हमारे सभी मिशनों और पोस्ट में सभी पासपोर्ट जारी करने वाले प्राधिकारियों को भेजा गया. इस मामले पर एजेंसियों को भी सूचना दी गई थी.