नई दिल्लीः पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11300 करोड़ रुपये के घाटाले के बाद केंद्र सरकार की एक और एजेंसी सेंट्रल विजिलेंस कमिशन (सीवीसी) भी हरकत में आ गई है. सीबीसी ने इस मामले में पीएनबी प्रबंधन और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से 19 फरवरी यानी सोमवार को उपस्थित होने को कहा है. इस मामले में पहले ही प्रवर्तन निदेशायल (ईडी), सीबीआई और आयकर विभाग ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे हैं. केंद्र सरकार में भ्रष्टाचार से निपटने वाली सीवीसी सर्वोच्च संस्था है. सूत्रों के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक के एमडी और सीईओ सुनील मेहता सोमवार को सुबह 11 बजे सीवीसी के सामने हाजिर होंगे. उनके साथ पीएनबी के मुख्य सतर्कता अधिकारी भी रहेंगे. Also Read - फसल और ट्रैक्टर लोन लेने वालों को नहीं मिलेगा ब्याज पर ब्याज माफी स्कीम का लाभ, वित्त मंत्रालय ने जारी किया दिशानिर्देश

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वित्त मंत्रालय की ओर से वित्तीय सेवा मामला विभाग के अतिरिक्त सचिव उपस्थित होंगे. पीएनबी के मुख्य सतर्कता अधिकारी संभवतः सीवीसी के सामने एक प्रजेंटेशन देंगे जिसमें वह धोखाधड़ी के बारे में बताएंगे. सीवीसी में जाने से पहले शुक्रवार को पीएनबी के शीर्ष प्रबंधन और वित्तीय सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए एक बैठक की. सोमवार को सीवीसी पीएनबी के भीतर की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा करेगा और उसपर क्या कदम उठाया जाना है इसका फैसला करेगा. सूत्रों के मुताबिक इंडियन बैंक एसोसिएशन सभी सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ भी एक बैठक करने वाला है. यह बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आयोजित होगी. Also Read - लंदन की अदालत में नीरव मोदी की जमानत याचिका लगातार सातवीं बार खारिज : सीबीआई

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बैंक के पूर्व डीजीएम और दो अन्य गिरफ्ता

सीबीआई ने इस घोटाला मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें घोटाले के वक्त डिप्टी मैनेजर रहे गोकुलनाथ शेट्टी भी शामिल है. अब वह रिटायर हो चुका है. इसके अलावा पीएनबी के एक स्टाफ मनोज खारत और हीरा कारोबारी नीरव मोदी की कंपनी के ऑथोराइज्ड सिग्नैटरी हेमंत भट्ट को भी गिरफ्तार किया गया है. इन तीनों को शनिवार को मुंबई में सीबीआई की अदालत में पेश किया जाएगा. ऐसा माना जा रहा है कि इन तीनों की मिलीभगत से पीएनबी की मुंबई की एक शाखा से इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक की हांगकांग शाखाओं को लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग जारी किया गया. इसी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए कारोबारी नीरव मोदी 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की.

सीबीआई के पास दर्ज एफआईआर के मुताबिक पीएनबी की मुंबई ब्रांच में डिप्टी मैनेजर शेट्टी और खरात ने इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक को SWIFT ट्रांजेक्शन भेजा था, जिससे कि बायर्स की क्रेडिट बढ़ाई जा सके. इस मामले में आरोपियों ने स्थापित प्रक्रिया का पालन नहीं किया. इस बीच पूरे देश में नीरव मोदी और उसके मामा चेहुल चोकसी के गितांजलि जेम्स के शोरूप में छापेमारी जारी है. शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई, पुणे, सूरत, जयपुर, हैदराबाद, पटना और कोयंबटूर में कई जगहों पर छापेमारी की. अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी नीरव और मेहुल की 5600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर चुकी है.आयकर विभाग ने अस्थायी रूप से नीरव की 29 संपत्तियों को जब्त किया है, जिसमें मुंबई के वार्ली में स्थित समुंद्रम महल के छह फ्लैट शामिल हैं. इन फ्लैटों से दृश्य बेहद खूबसूरत है. यहां सीधे समुद्र दिखता है.