नई दिल्लीः पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11300 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में गिरफ्तार पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी, बैंक मैनेजर मनोज खराट और नीरव मोदी की कंपनी के ऑथोराइज्ड सिग्नैटरी हेमंत भट्ट को सीबीआई कोर्ट ने 3 मार्च तक सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है. सीबीआई ने आज सुबह ही इन तीनों को गिरफ्तार किया था. सीबीआई ने कोर्ट से इनकी 14 दिन की कस्टडी मांगी थी जिसे मान लिया गया. एजेंसी ने कोर्ट से कहा कि उसे इन तीनों से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल करने हैं और इस घोटाले की मोडस ऑपरेंडी भी मालूम करनी है. सीबीआई ने कहा कि वह इसे 280 नहीं 6000 करोड़ का घोटाला मानकर चल रही है. सीबीआई ने ये भी कहा कि नीरव मोदी की फर्म का ऑथोराइज्ड सिग्नेटरी हेमंत भट्ट पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है. Also Read - नीरव मोदी मामला: PNB को वसूली की पहली किश्त के रूप में अमेरिका से मिले 24.33 करोड़ रुपये

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विशेष सीबीआई जज एस आर तंबोली ने आरोपियों को तीन मार्च तक सीबीआई हिरासत में भेजते हुए कहा कि घोटाले का देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा. सीबीआई ने आज पीएनबी के तत्कलीन उप-प्रबंधक (अब सेवानिवृत) गोकुलनाथ शेट्टी, पीएनबी के सिंगल विंडो ऑपरेटर मनोज खराट और नीरव मोदी ग्रुप ऑफ फर्म्स के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता हेमंत भट्ट को गिरफ्तार किया. जज ने कहा कि यह बहुत गंभीर अपराध है. सीबीआई के वकील ने आरोपियों के लिए अधिकतम संभव हिरासत मांगी जबकि बचाव पक्ष के वकील ने इसका विरोध किया. आरोपियों के वकील ने दलील दी कि गिरफ्तार किए लोग घोटाले के लाभार्थी नहीं हैं और असल लाभार्थी तो कहीं और हैं. Also Read - PNB घोटाले के आरोपी नीरव मोदी के खिलाफ ब्रिटेन में कॉन्फ्रेंस के जरिए शुरू होगी प्रत्यर्पण की सुनवाई

आरोपी मनोज खराट के वकील कुदरत शेख ने बताया कि कोर्ट ने तीनों को 14 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है. मनोज खराट महज एक क्लर्क था और उसने गोकुलनाथ शेट्टी के दबाव में लेटर टाइप किया था. उसका इस केस में कोई हाथ नहीं है. हम जमानत याचिका दाखिल करेंगे.

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गोकुलनाथ शेट्टी कर्ता धर्ता, हो चुका है रिटायर

गोकुलनाथ शेट्टी अब रिटायर हो चुका है. इसे ही पूरे घोटाले का कर्ता धर्ता माना जा रहा है. इसके अलावा पीएनबी के एक स्टाफ मनोज खराट और हीरा कारोबारी नीरव मोदी की कंपनी के ऑथोराइज्ड सिग्नैटरी हेमंत भट्ट को भी सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. ऐसा माना जा रहा है कि इन तीनों की मिलीभगत से पीएनबी की मुंबई की एक शाखा से इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक की हांगकांग शाखाओं को लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग जारी किया गया. इसी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए कारोबारी नीरव मोदी ने 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की.

सीबीआई के पास दर्ज एफआईआर के मुताबिक पीएनबी की मुंबई ब्रांच में डिप्टी मैनेजर शेट्टी और खराट ने इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक को SWIFT ट्रांजेक्शन भेजा था, जिससे कि बायर्स की क्रेडिट बढ़ाई जा सके. इस मामले में आरोपियों ने स्थापित प्रक्रिया का पालन नहीं किया.

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छापेमारी जारी

इस बीच पूरे देश में नीरव मोदी और उसके मामा चेहुल चोकसी के गितांजलि जेम्स के शोरूप में छापेमारी जारी है. इस बीच आज ईडी ने देशभर में 21 और जगहों पर छापेमारी की और सोना, हीरे सहित कीमती पत्थर जब्त किए जिनकी कीमत 25 करोड़ रुपये है. इस तरह अब तक नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कुल 5674 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हो चुकी है. शनिवार सुबह में पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में गीतांजलि जेम्स के स्टोर पर छापेमारी की गई.