नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि पुलिस किसी आपराधिक मामले की जांच के दौरान अचल संपत्तियों को कुर्क नहीं कर सकती. इससे पहले, बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था कि पुलिस को जांच के दौरान संपत्ति जब्त करने का कोई अधिकार नहीं है. महाराष्ट्र सरकार ने अदालत के इस फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी. Also Read - No Parking No Car: दिल्ली मे कार लेने से पहले दिखाने होंगे पार्किंग के सबूत वरना नई कार के लिए करना पड़ेगा 15 साल का इंतजार

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए कहा कि सीआरपीसी की धारा 102 में अवैध संपत्तियों को जब्त और कुर्क करने का पुलिस का अधिकार शामिल नहीं है. Also Read - प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए पर्याप्त नियमन मौजूद, डिजिटल मीडिया का नियमन पहले हो: केंद्र

पीठ के लिए आदेश पढ़ने वाले जस्टिस खन्ना ने कहा कि यह सहमति से लिया गया फैसला है, लेकिन न्यायमूर्ति गुप्ता ने कुछ अतिरिक्त कारण दिए हैं.

शीर्ष अदालत ने किसी मामले की आपराधिक जांच के दौरान किसी सम्पत्ति को जब्त करने का पुलिस को अधिकार देने वाली आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 102 की व्याख्या की. इससे पहले, बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि पुलिस को जांच के दौरान संपत्ति जब्त करने का कोई अधिकार नहीं है. महाराष्ट्र सरकार ने अदालत के इस फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी.