आगराः ताजमहल के ऊपर ड्रोन उड़ाने के आरोप में एक चीनी नागरिक को कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया गया. उसे 17वीं सदी के मकबरे के हवाई दृश्य लेते हुए पकड़ा गया. इससे पहले पिछले माह राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री कार्यालय के ऊपर ड्रोन उड़ाने के आरोप में दो अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया गया था. आगरा में ड्रोन और उसके कंट्रोलर को पुलिस ने पकड़ा और एक माइक्रो स्टोरेज चिप को फॉर्मेट कर यह पता लगाने के लिए फोरेंसिक मूल्यांकन के लिए भेजा गया कि क्या यह किसी सैटेलाइट से जुड़ा था.

29 वर्षीय पर्यटक क्यूई यू को हालांकि लिखित माफी के बाद छोड़ दिया गया. एसएचओ दिनेश कुमार ने कहा, “क्यूई ताज का दौरा करने के लिए सोमवार को आगरा आया था. मंगलवार को वह अपने ड्रोन के साथ मेहताब बाग गया और मकबरे के हवाई दृश्य रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया. जल्द ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने ड्रोन को देखा और स्थानीय पुलिस को सूचित किया, जिन्होंने इसके सोर्स का पता लगाया.”

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उन्होंने कहा, “चीनी नागरिक मेहताब बाग में झाड़ियों में छिपकर दूर से ड्रोन को नियंत्रित कर रहा था. जैसे ही वह फूटेज रिकवर करने के लिए ड्रोन को लिए नीचे लाया, हमारी टीम उसे पकड़ने के लिए दौड़ी. उसे रंगे हाथों पकड़ लिया गया.” अधिकारी ने कहा, “हमने ड्रोन को जब्त कर लिया और माइक्रो चिप के कन्टेंट को क्लीयर कर दिया. इसे यह पता लगाने के लिए फोरेंसिक टेस्ट के लिए भेजा गया है कि कहीं यह किसी सैटेलाइट से तो नहीं जुड़ा था.”

उल्लेखनीय है कि पिछले माह राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री कार्यालय के ऊपर ‘नो फ्लाइंग जोन’ में ‘ड्रोन’ उड़ता देखकर देश की खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस के हाथ-पांव फूल गए थे. इस सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने दो अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया था. हिरासत में लिए गए दोनों अमेरिकी नागरिक रिश्ते में पिता-पुत्र थे. उनके कब्जे से ड्रोन को जब्त कर लिया गया था और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था. हिरासत में लिया गया पिता (लगभग 50 साल) अमेरिका में बागवानी के काम से जुड़ा है, जबकि उसका 30 साल बेटा प्रोफेशनल वीडियोग्राफर है.