नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में छात्रों पर हुए हमले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने एक स्पेशल टीम गठित की है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने इस जांच के आदेश दिए हैं. दिल्ली पुलिस की ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी सिंह यह जांच करेंगी. जेएनयू में हुई हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से पूरी जानकारी मांगी है. रविवार शाम जेएनयू में हुई हिंसा की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिल्ली पुलिस को दी है. जानकारी के साथ ही हिंसा की वारदातों को रोकने के लिए पुलिस को भी यूनिवर्सिटी कैंपस में बुलाया गया है.

जेएनयू हिंसा पर डीसीपी साउथ वेस्ट देवेंद्र आर्या का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को जेएनयू परिसर में दाखिल होने की लिखित अनुमति दी. इसके बाद पुलिस ने यहां पहुंचकर स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया. डीसीपी देवेंद्र आर्या के मुताबिक फिलहाल जेएनयू के अंदर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. पुलिस ने सभी आवश्यक प्वाइंट्स पर पुलिस बल तैनात कर दिए हैं.

उन्होंने बताया कि हिंसा में 21 छात्रों के घायल होने की सूचना है. घायलों को उपचार के लिए एम्स ले जाया गया है. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई इस हिंसा के दौरान छात्र संघ की नेता आईशी घोष भी बुरी तरह जख्मी हो गई. आईसी को भी उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है. फिलहाल इन सभी का उपचार चल रहा है. पुलिस का कहना है कि जख्मी छात्रों द्वारा दिए गए बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. विश्वविद्यालय में हुई इस हिंसा का विरोध कर रहे जेएनयू के कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय में पहुंचे पुलिस अधिकारियों को बताया कि नकाबपोश हमलावर छात्रों को पीटने के लिए पेरियार, कावेरी, साबरमती व कोईना हॉस्टल तक पहुंच गए थे.

जेएनयू ने हिंसा पर दोबारा जारी किया बयान
वहीं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार को हुई हिंसा की घटना पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि परिसर के भीतर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बुलाई गई है. इससे पहले हालांकि जेएनयू रजिस्ट्रार द्वारा जारी संदेश को इससे पहले वापस ले लिया गया था. विश्वविद्यालय ने कहा कि कुछ भ्रांति थी लेकिन बयान उसी रूप में है. जेएनयू समुदाय को जारी त्वरित संदेश में रजिस्ट्रार ने कहा, “जेएनयू परिसर में कानून-व्यवस्था को लेकर स्थिति गंभीर हो गई है. लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश अराजक तत्व घूम रहे हैं. वे संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और लोगों पर हमले कर रहे हैं.”

जेएनयू प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बुलाई है. उन्होंने कहा, “यह शांति बनाए रखने का वक्त है. सतर्क रहें. किसी आपात स्थिति में 100 नंबर डायल कर सकते हैं. अराजक तत्वों से निपटने के लिए पहले ही कोशिश की जा चुकी है.” इस संबंध में कुछ नहीं बताया गया कि बयान क्यों वापस लिया गया और फिर दोबारा जारी किया गया. इस संबंध में बताने को विश्वविद्यालय का कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं था.

(इनपुट आईएएनएस)