चेन्नई: तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में कुछ दिन पहले पुलिस की कथित यातना से पिता-पुत्र की मृत्यु के मामले में एक नया तथ्य सामने आया है कि इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने के कुछ घंटों के भीतर ही उनकी मृत्यु हो गई थी. सोमवार को सरकार द्वारा जारी एक आदेश में इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया है जिसमें जयराज और उनके बेटे फेनिक्स की मौत से संबंधित घटनाक्रम का विवरण दर्ज है.Also Read - लालू-राबड़ी के आवास पर CBI के छापे संबंधी सवाल पर जानें नीतीश कुमार ने क्या दिया जवाब...

आदेश में कहा गया है कि दोनों व्यक्तियों को निषेधाज्ञा के उल्लंघन के लिए 19 जून को गिरफ्तार किया गया था और अनिवार्य चिकित्सा जांच के लिए तूतीकोरिन जिले के सतानकुलम में एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टर के पास ले जाया गया था. अगले दिन एक मजिस्ट्रेट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया और उन्हें कोविलपट्टी उप-जेल में रखा गया. Also Read - सीबीआई की टीम छापे के बाद लालू यादव के आवास से धक्‍कामुक्‍की के बीच बाहर निकली, RJD चीफ, राबड़ी देवी, दो बेटियों पर FIR दर्ज

फेनिक्स को 22 जून को शाम करीब सात बजकर 45 मिनट पर जेल अधिकारियों द्वारा कोविलपट्टी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और रात नौ बजे इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. आदेश में कहा गया है कि उसके पिता जयराज को भी उसी दिन रात करीब साढे़ दस बजे उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 23 जून की सुबह पांच बजकर 40 मिनट पर उनकी मौत हो गई थी. Also Read - पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री से सीबीआई कर ही पूछताछ, अवैध तरीके से बेटी को नौकरी दिलाने का है आरोप

पी जयराज और उनके बेटे फेनिक्स को अपनी मोबाइल फोन की दुकान समय सीमा के बाद खोलकर लॉकडाउन के नियमों का ‘उल्लंघन’ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उनके रिश्तेदारों ने आरोप लगाए कि पुलिसकर्मियों ने सातनकुलम थाने में उनकी बुरी तरह की पिटाई की.