नई दिल्ली: महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को कई राज्यों में प्रबुद्ध वामपंथी कार्यकर्ताओं के घरों में छापेमारी की और माओवादियों से संबंध के संदेह में इनमें से पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. छापेमारी के बाद से पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्‍यारोपों का सि‍लसिला शुरू हो गया है. माकपा नेता येचुरी ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है. कांग्रेस के अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि देश में अब केवल एक ही एनजीओ आरएसएस के लिए जगह है. वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि माओवादियों की चिट्ठियों से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और बीजेपी अध्‍यक्ष की हत्‍या की साजिश रचे जाने का अंदेशा था. इसलिए उन्‍हें गिरफ्तार किया गया है.

सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि माओवादी नेताओं द्वारा कथित तौर पर आदान-प्रदान किए गए दो पत्रों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह की हत्या की योजना का संकेत मिलने के बाद कई राज्यों में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई और नक्सलियों से संदिग्ध जुड़ाव होने के कारण उनमें से पांच की गिरफ्तारी हुई.

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सुरक्षा अधिकारियों ने दावा किया कि वर्ष 2016 के पत्र से प्रतीत होता है कि मोदी, शाह और सिंह की हत्या के बारे में नक्सलियों के बीच विचार-विमर्श हुआ. वहीं 2017 के पत्र से इस योजना का खुलासा हुआ कि रोडशो के दौरान राजीव गांधी हत्या की तरह मोदी पर हमला किया जाए.

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इस से अवगत एक सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक दूसरा पत्र ‘‘कॉमरेड प्रकाश’’ के नाम पर था और इसे दिल्ली में रह रहे नक्सली रोना विल्सन के आवास से छह जून को पाया गया था. मामले के सिलसिले में देश के विभिन्न हिस्से में पुलिस की छापेमारी में विल्सन के साथ चार अन्य लोगों को जून में गिरफ्तार किया गया. महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में अप्रैल में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान ये पत्र बरामद किए गए. इस अभियान में 39 माओवादी मारे गए थे.

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बता दें कि पुणे पुलिस ने मंगलवार को माओवादियों से संपर्क रखने के संदेह में विभिन्न राज्यों में कुछ लोगों के घरों सहित विभिन्न ठिकानों पर छापा मारा. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिछले साल 31 दिसंबर को पुणे में एल्गार परिषद नाम के एक कार्यक्रम के बाद महाराष्ट्र के कोरेगांव-भीमा गांव में हुई हिंसा की जांच के तहत ये छापे मारे गए हैं. अधिकारी ने बताया कि हैदराबाद में वामपंथी कार्यकर्ता और कवि वरवर राव, मुंबई में कार्यकर्ता वेरनन गोन्जाल्विस और अरूण फरेरा, फरीदाबाद और छत्तीसगढ़ में ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज और दिल्ली में रहने वाले सिविल लिबर्टीज के कार्यकर्ता गौतम नवलखा के घरों की तलाशी ली गई. तलाशी के बाद राव, सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा,  अरूण फरेरा, वेरनन गोन्जाल्विस को गिरफ्तार किया गया. पुणे पुलिस ने नवलखा को ट्रांजिट रिमांड पर पुणे ले जाने की योजना बनाई थी, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया. वह बुधवार को सुनवाई होने तक घर में ही कैद रहेंगे.