नई दिल्ली: केरल में एक मां ने अपनी बेटी के प्यार पर ऐसा पहरा बैठाया, जो किसी फिल्मी घटना से कम नहीं. मुल्सिम युवक से अफेयर की बात पता चलने पर मां ने अपनी बेटी को दो साल तक बंधक बनाए रखा. युवक को आतंकवादी बताकर अंजलि को मानसिक बीमार घोषित कर मेंटल अस्पताल में इलाज कराया. उसे आरएसएस के अनाथालय में भी रखा गया. बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने मां का साथ दिया. इसी बीच एक मोबाइल युवती के हाथ लग गया. उसने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. वीडियो पुलिस को मिल गया. पुलिस ने इस पर कार्रवाई करते हुए युवती को छुड़ा लिया. युवती ने कोर्ट में पेश होकर मां के साथ रहने से इनकार कर दिया. फिलहाल, युवती रेस्क्यू होम में है. युवती ने यहां से बाहर निकल आजादी से जीने की इच्छा जाहिर की है. ये पूरी घटना हैप्पी एंडिंग की ओर है. Also Read - विजय यात्रा समारोह: अमित शाह ने सभा में कहा- बीजेपी ही कर सकती है केरल का विकास

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अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह लगने वाली ये घटना केरल की है. आरोपी महिला महिला थ्रीसूर जिले के गुरुवयूर की रहने वाली है. मेंगलुरु की डीसीपी उमा प्रसंथ ने बताया कि पीड़ित युवती को उसकी मां की कैद से आजाद करा लिया गया है. पीड़ित की मां को गिरफ्तार किया है. घटना केरल के मेंगलुरु में 24 साल की अंजलि प्रकाश के साथ हुई. अंजलि बताती है कि नलकथ मानस नाम के 28 साल के मुस्लिम युवक से प्यार करती थी. मानस को वह बचपन से जानती थी. उसका पोल्ट्री का बिजनेस है. मां विनिथा को ये पता चल गया. मां ने उसे बंधक बना लिया. घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई.

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मानसिक रोगी बताकर आरएसएस के अनाथालय में रखा, ऐसे छूटी

आरोप है कि मां ने उसे मानसिक बीमार घोषित कर दिया. उसका कोच्ची स्थित मेंटल हॉस्पिटल में इलाज कराया. उसे आरएसएस के अनाथालय भी भेजा. बीजेपी के लोगों के साथ मिलकर ऐसा किया गया. फिर उसे मेंग्लुरु लाया गया. मां ने उसे बिना सिम का मोबाइल दिया. यहां एक बीजेपी के ही कार्यकर्ता की मदद से सिम हासिल हो गया. इस मोबाइल से उसने वीडियो बनाया. वीडियो के वायरल होने पर पुलिस ने शनिवार को युवती को छुड़ा लिया.

वीडियो में कही प्यार पर पहरे की दास्तां

वायरल किए गए वीडियो में अंजलि ने बताया था कि किस तरह से मुस्लिम युवक से प्यार करने की सजा उसे मिल रही है. ये सब बीजेपी के कुछ लोगों के साथ मिलकर किया गया. उसके पास कोई विकल्प नहीं है. वह भागना चाहती है. वह मुस्लिम से प्यार करने की सजा दो साल से भुगत रही है. पुलिस द्वारा आजाद कराए जाने के बाद अंजलि फिलहाल रेस्क्यू होम में है. अंजलि का कहना है कि वह यहां से बाहर जाना चाहती है. जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहती है.

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अंजलि को छुड़ाने के लिए कोर्ट जा चुका था प्रेमी

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार जिस युवक से युवती प्यार करती थी, उसका कहना है कि जब प्रताड़ना शुरू हुई और अंजलि से उसका संपर्क ख़त्म हो गया था. वह अंजलि को आजाद कराने की कोशिश में था. मानस ने बताया कि उसने एक एक्ट के जरिए अदालत का दरवाजा खटखटाया. अदालत से अंजलि के बारे में जानकारी मांगी. अंजलि की मां ने हाईकोर्ट, केरल में अंजलि के मानसिक बीमार होने की बात कही. इसके बाद अदालत ने अंजलि को मां को ही सौंपने का आदेश दिया, जबकि अंजलि ऐसा नहीं चाहती थी. फिर से अंजलि को कैद कर लिया गया. मानस ने बताया कि उसे आतंकवादी तक कह दिया गया था, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी.