श्रीनगर. जम्मू कश्मीर पुलिस के उप निरीक्षक इम्तियाज अहमद मीर अपने माता-पिता से मिलने को इस कदर बेताब थे कि उन्होंने अपनी दाढ़ी काट ली और अपना पूरा हुलिया बदल लिया था ताकि आतंकवादियों से बचते बचाते वह अपने वालिदेन से मिलने जा सकें. लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और आतंकवादियों ने उन्हें पहचान कर उनकी जान ले ली. मीर के एक सहकर्मी ने यह जानकारी दी. Also Read - सात महीने की हिरासत के बाद रिहा होंगे उमर अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर सरकार ने जारी किए आदेश

दक्षिण कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित पुलवामा जिले के बाहीबाग में रविवार की सुबह आतंकवादियों ने शांतिप्रकय मीर (30) की गोली मारकर हत्या कर दी. मीर सीआईडी में पदस्थ थे. मीर को उनके गांव में नहीं जाने की चेतावनी दी गयी थी, क्योंकि डर था कि आतंकवादी उनपर हमला कर सकते हैं. बता दें कि आतंकवादियों ने हाल में प्रदेश में कई पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया है. Also Read - फारूक अब्दुल्ला ने PM मोदी को लिखा पत्र, 4G इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने की मांग

मना करने पर भी नहीं माने
उनके एक वरिष्ठ अधिकारी ने याद किया, मैंने उससे कहा था कि वह ना जाए क्योंकि आतंकवादी हमला कर सकते हैं. लेकिन वह अपने माता पिता को देखने के लिए बेकरार थे जो पुलवामा जिले के अंदरूनी इलाके में सोनताबाग में रहते हैं. Also Read - SC ने केंद्र और जम्मू कश्मीर प्रशासन से पूछा- क्या अगले हफ्ते उमर अब्दुल्ला रिहा हो रहे हैं..?

घर का इकलौता है
अधिकारी ने बताया कि आज सुबह उन्होंने घर जाने के लिए छुट्टी ली और अपना हुलिया बदल लिया. उन्होंने अपनी दाढ़ी काट ली और अपने पैतृक गांव जाने के लिए अपने व्यक्तिगत वाहन का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया. घर के लिए रवाना होने पहले संभवत: उन्होंने अपने अधिकारी से आखिरी बार कहा था, अब वे (आतंकी) मुझे नहीं पहचान पायेंगे. मीर के परिवार में उनके माता-पिता हैं.