जहानाबाद, इम्फाल, ईटानगर: पुलिस ने सीएए विरोधी कार्यकर्ता शरजील इमाम के बिहार स्थित पैतृक आवास पर छापेमारी की लेकिन वह नहीं मिला. इमाम के खिलाफ देश के कई राज्यों में देशद्रोह का मामला दर्ज है. पूर्वोत्तर के दो राज्यों — मणिपुर और अरूणाचल प्रदेश में उसके भाषण को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है जिसमें उसने असम और पूर्वोत्तर को देश के अन्य हिस्सों से ‘‘काटने’’ की धमकी दी थी. बिहार के जहानाबाद जिले के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने कहा कि ‘‘केंद्रीय एजेंसियों द्वारा मदद मांगे जाने के बाद’’ काको थाना क्षेत्र स्थित उसके घर पर पुलिस ने रविवार की रात को छापा मारा. एसपी ने कहा कि इमाम नहीं मिला लेकिन उसके दो रिश्तेदार और उनके चालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया. आईआईटी- मुंबई से स्नातक करने के बाद इमाम जेएनयू के इतिहास अध्ययन केंद्र से शोध करने के लिए दिल्ली आ गया. Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे

उसके कथित भाषण सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उस पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया. भाषण में उसे यह कहते हुए सुना गया कि असम और पूर्वोत्तर को भारत से ‘‘काटना’’ है. इससे पहले उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ के एएमयू परिसर में भाषण देने के लिए उस पर इन्हीं आरोपों में मामला दर्ज किया गया था. इमाम के वीडियो सामने आने के बाद मामले दर्ज हुए जिसमें उसने कहा कि अगर ‘‘पांच लाख लोग एकजुट हो जाएं’’ तो पूर्वोत्तर को भारत से काटा जा सकता है. वीडियो में उसे यह कहते हुए दिखाया गया, ‘‘अगर पांच लाख लोग एकजुट हो जाएं तो हम पूर्वोत्तर और भारत को हमेशा के लिए अलग कर देंगे. अगर नहीं तो कम से कम एक महीने या आधा महीने के लिए. रेल पटरियों पर सड़कों पर इतना मवाद फैला देंगे कि वायुसेना को इसे साफ करने में एक महीना लग जाएगा.’’ उसने कथित तौर पर कहा, ‘‘असम को (भारत से) काटना हमारी जिम्मेदारी है, तभी वे (सरकार) हमें सुनेंगे. हम असम में मुस्लिमों की स्थिति जानते हैं… उन्हें निरोध केंद्रों में रखा जा रहा है.’’ Also Read - VIDEO: राहुल गांधी ने कहा- 'हम दो-हमारे दो' अच्छी तरह सुन लें, असम को कोई नहीं बांट पाएगा, CAA नहीं होगा

असम पुलिस ने उसके खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून — गैर कानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. इमाम के पिता दिवंगत अकबर इमाम जद (यू) के स्थानीय नेता थे जो विधानसभा चुनाव में हार गए थे. इस बीच मणिपुर और अरूणाचल प्रदेश की पुलिस ने इमाम के खिलाफ भादंसं की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है जो देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और देशद्रोह से संबंधित हैं. उसे आजीवन कारावास की सजा हो सकती है. मणिपुर के मुख्यमंत्री के सलाहकार रजत सेठी ने ट्वीट किया, ‘‘शरजील के आपत्तिजनक वीडियो का संज्ञान लेते हुए मणिपुर पुलिस ने भादंसं की धारा 121…121-ए…124-ए…120-बी…153 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.’’ मामला शनिवार को दर्ज किया गया. अरूणाचल प्रदेश पुलिस की अपराध शाखा ने भी रविवार को इमाम के खिलाफ ऐसा ही मामला दर्ज किया. यह जानकारी विशेष जांच दल (एसआईटी) के एसपी नवदीप सिंह बरार ने दी. एसआईटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है. Also Read - अमित शाह का बड़ा बयान, कोविड-19 टीकाकरण समाप्त होने के बाद लागू किया जाएगा CAA

अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने ट्वीट किया, ‘‘असम एवं पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों को शेष भारत से काटने के लिए भड़काने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, संप्रभुता में बाधा डालने और भारत की अखंडता को चुनौती देने जैसी बातों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’’ बिहार के झारखंड में इमाम की मां ने इन बातों पर गुस्सा जाहिर किया. अफशान रहीम ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरा बेटा निर्दोष है. वह प्रतिभाशाली युवा है न कि चोर या पॉकेटमार. मैं अल्लाह की कसम खाती हूं कि वह कहां है, इस बारे में मुझे पता नहीं है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं गारंटी दे सकती हूं कि मामलों के बारे में पता चलने पर वह जांच एजेंसियों के समक्ष पेश होगा और जांच में पूरा सहयोग करेगा.’’ उन्होंने कहा कि उससे मुलाकात किए हुए लंबा समय हो गया है, हालांकि कुछ हफ्ते पहले उससे फोन पर बात हुई थी. रहीम ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से वह सीएए से परेशान है और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से डरा हुआ है जिसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है और उसका कहना है कि इससे न केवल मुस्लिम बल्कि सभी गरीब लोग प्रभावित होंगे.’’