चेन्नई: चेन्नई में सुपरस्टार रजनीकांत अनुरोध पर उनके घर के इर्द-गिर्द सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को शनिवार को हटा लिया गया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी. सशस्त्र रिजर्व से हटाए गए सुरक्षाकर्मियों को वापस बुला लिया गया है, हालांकि पास में स्थित दिवगंत मुख्यमंत्री जे जयललिता के वेदा निलयम आवास की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी आस पास के इलाके में दैनिक गश्त के दौरान अभिनेता के घर की सुरक्षा पर भी नजर रखेंगे. Also Read - VIDEO: Lockdown के दौरान मस्जिद में नमाज अदा की, बाहर निकलते ही पड़े पुलिस के डंडे

रजनीकांत यहां पोएस गार्डन में रहते हैं जो अन्नाद्रमुक प्रमुख के घर से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है. समाज सुधारक ई वी रामास्वामी ‘पेरियार’ की 1971 में एक रैली को लेकर पिछले महीने अभिनेता की टिप्पणी के कारण विवाद पनपने पर उनके घर को सुरक्षा मुहैया कराई गई थी क्योंकि कुछ द्रविड़ संगठनों ने कहा था कि वे उनके घर के बाहर प्रदर्शन करेंगे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार को हमने अभिनेता के साथ बैठक की. रजनीकांत ने कहा कि उनका मानना है कि अब पुलिस सुरक्षा की जरूरत नहीं है. हमने स्थिति की समीक्षा की और सुरक्षा हटा ली. अधिकारी ने बताया, हालांकि गश्त के दौरान इसके दायरे में अभिनेता का घर भी आएगा. Also Read - COVID-19: लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर पुलिस ने बनाया मुर्गा, सामान सहित रेंगने की मिली सजा

तमिल पत्रिका ‘तुगलक’ द्वारा यहां 14 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में रजनीकांत ने आरोप लगाया था कि 1971 में सेलम में पेरियार ने एक रैली निकाली थी जिसमें भगवान श्रीरामचंद्र मूर्ति और सीता की निवस्त्र तस्वीर को चप्पलों की माला पहनाई गई थी. अभिनेता की इस टिप्पणी पर द्रविड़ड़ विदुथलई कझगम (डीवीके) ने अभिनेता पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और इसके लिए बिना शर्त माफी मांगने तथा उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की. बाद में थंथई पेरियार द्रविड़ड़ कझगम और डीवीके ने यहां ‘रजनीकांत के घर का घेराव करो’ का प्रदर्शन किया. पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया लेकिन बाद में उन्हें अभिनेता के घर तक जाने की अनुमति दे दी गई. Also Read - कोरोना: कान पकड़वाए, उठा-बैठक लगवाई, कर्फ़्यू में निकलने पर पुलिस दे रही ऐसी सजा, VIDEO