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पासपोर्ट बनवाना होगा आसान! वेरिफिकेशन के लिए अब पुलिस स्टेशन जाना जरूरी नहीं- जानें इस राज्य में क्या-क्या बदला

Passport Verification Rules changed: पुलिस को एप्लिकेंट के घर के पते का अलग से फिजिकल वेरिफिकेशन करने की जरूरत नहीं है. अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि एप्लिकेंट से पर्सनली मिलने की जरूरत नहीं है.

Written by: Parinay Kumar
Published: August 5, 2026, 3:00 PM IST
  • पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए अब पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं होगी.
  • पुलिस सिर्फ नागरिकता (Citizenship) और क्रिमिनल रिकॉर्ड की जांच करेगी.
  • घर के पते का रूटीन फिजिकल वेरिफिकेशन को भी अब खत्म कर दिया गया है.

Passport Verification Rules Changed: गुजरात में पासपोर्ट बनवाना अब और भी आसान होगा. गुजरात सरकार ने पासपोर्ट वेरिफिकेशन प्रोसेस को आसान बनाते हुए एप्लिकेंट्स के पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत को अब खत्म कर दिया है. गुजरात पुलिस ने मंगलवार (अगस्त, 05, 2026) को इसकी जानकारी दी. गुजरात के पुलिस डायरेक्टर जनरल (DGP) जी एस मलिक ने बताया कि वेरिफिकेशन अब सिर्फ नागरिकता और क्रिमिनल रिकॉर्ड की जांच तक ही सीमित रहेगा. उन्होंने कहा कि राज्य में पासपोर्ट एप्लीकेशन और मिलने का प्रोसेस को आसान बनाने की यह शुरुआत है.

क्रिमिनल हिस्ट्री-नागरिकता होगी वेरिफाई

DGP ऑफिस की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, ‘एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस में कुछ जरूरी बदलावों के बारे में साफ किया गया है ताकि नागरिकों को पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए बेवजह परेशानी न हो.’ एक खास बात यह है कि ‘वेरिफिकेशन प्रोसेस के लिए पासपोर्ट एप्लिकेंट्स को खुद पुलिस स्टेशन बुलाने की जरूरत नहीं होगी. पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान, सिर्फ एप्लिकेंट की नागरिकता और उनकी क्रिमिनल हिस्ट्री को वेरिफाई किया जाएगा.’

घर के पते का फिजिकल वेरिफिकेशन भी खत्म

DGP ने यह भी साफ किया कि पुलिस को एप्लिकेंट के घर के पते का अलग से फिजिकल वेरिफिकेशन करने की जरूरत नहीं है. अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि एप्लिकेंट से पर्सनली मिलने की जरूरत नहीं है. साथ ही वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान उनके सिग्नेचर लेने की जरूरत नहीं है. नए इंस्ट्रक्शन के मुताबिक, एप्लिकेंट के घर का फील्ड विजिट सिर्फ तभी किया जाना चाहिए, जब उसे कोई संदिग्ध हालात का पता चले या एक्स्ट्रा वेरिफिकेशन की जरूरत हो. ऐसे मामलों में भी, एप्लिकेंट को पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए.

क्यों उठाए गये ये कदम?

इस कदम का मकसद नागरिकों को होने वाली परेशानी को कम करना और पासपोर्ट वेरिफिकेशन में गैर-जरूरी प्रोसेस में होने वाली देरी को खत्म करना है. पुलिस हेडक्वार्टर के एक अधिकारी ने कहा कि नई गाइडलाइंस का मकसद प्रोसेस को ज्यादा ट्रांसपेरेंट, लोगों के लिए आसान और बेहतर बनाना है. साथ ही यह भी पक्का करना है कि जरूरी सिक्योरिटी चेक होते रहें.

DGP ने सभी पुलिस कमिश्नरों, जिला पुलिस सुपरिटेंडेंट और पासपोर्ट वेरिफिकेशन संभालने वाले अधिकारियों को पूरे राज्य में इस बदले हुए प्रोसेस को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया. राज्य पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की कि वे आसान प्रोसेस के बारे में जानें और पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई करते समय पुलिस स्टेशन या किसी भी अनऑफिशियल प्रोसेस के गैर-ज़रूरी चक्कर लगाने से बचें.

क्या बदला?

  • पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए अब पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं होगी.
  • पुलिस सिर्फ नागरिकता (Citizenship) और क्रिमिनल रिकॉर्ड की जांच करेगी.
  • घर के पते का रूटीन फिजिकल वेरिफिकेशन खत्म कर दिया गया है.
  • वेरिफिकेशन के दौरान आवेदक से व्यक्तिगत मुलाकात जरूरी नहीं होगी.
  • पुलिस अब वेरिफिकेशन के समय आवेदक के हस्ताक्षर भी नहीं लेगी.
  • फील्ड विजिट केवल संदिग्ध मामलों या अतिरिक्त जांच की जरूरत होने पर ही होगी.
  • ऐसे मामलों में भी आवेदक को पुलिस स्टेशन बुलाया नहीं जाएगा.
  • नई व्यवस्था का उद्देश्य पासपोर्ट प्रक्रिया को तेज, आसान और पारदर्शी बनाना है.
  • सभी पुलिस कमिश्नरों और जिला एसपी को नए नियम तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.

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