नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को दावा किया कि कांग्रेस नेता एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और मौजूदा मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बीच सत्ता संघर्ष के चलते राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हुआ है. जोशी ने सत्तारूढ़ कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के विधायकों के इस्तीफे के पीछे भाजपा का हाथ होने के कांग्रेस के आरोप को बेबुनियाद करार देते हुए कहा, यह सब इसलिए हो रहा है कि कांग्रेस नेताविहीन हो गई है और दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय उसे पहले अपना घर दुरुस्त करना चाहिए.

बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जोशी ने कहा कि कांग्रेस में पूरी तरह से अराजकता है और उसकी कर्नाटक इकाई एक स्वतंत्र इकाई की तरह काम कर रही है, क्योंकि केंद्रीय नेतृत्व का प्रदेश (कर्नाटक) इकाई में कोई दखल नहीं है.

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जोशी ने विधायकों के इस्तीफे को सिद्धरमैया का गेम प्लान बताते हुए कहा, मौजूदा राजनीतिक संकट असल में सिद्धरमैया और कुमारस्वामी के बीच सत्ता संघर्ष का परिणाम है. कर्नाटक के धारवाड़ से भाजपा सांसद ने कहा कि एक ओर तो सिद्धरमैया सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं, वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस नेता डी के शिव कुमार उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं. स्पीकर रमेश कुमार ने शनिवार को कहा, सरकार गिर जाएगी या बरकरार रहेगी, इस बारे में विधानसभा में फैसला होगा. विधानसभा का सत्र 12 जुलाई से शुरू हो रहा है.

राज्य में लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रचंड जीत हासिल करने के बाद से ही वहां संकट के बादल मंडरा रहे थे और कांग्रेस और जेडीएस के 13 विधायकों के अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे जाने के बाद यह संकट और गहरा गया है. बीजेपी ने राज्‍य की 28 में 25 सीटें जीती हैं.

राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के 118 विधायक हैं और यदि इन विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए
जाते हैं तो मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी नीत 13 माह पुरानी गठबंधन सरकार बहुमत खो देगी.