बेंगलुरूः कर्नाटक में एक जेडीएस विधायक का वीडियो सामने आया है जिसमें वह यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि उन्हें 40 करोड़ रुपये नकदी की पेशकश की गई. कर्नाटक में सत्ताधारी गठबंधन के नेता आरोप लगा रहे हैं कि भाजपा एचडी कुमारस्वामी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है. हालांकि, विधायक के. महादेव ने अपने पिरियापटना निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के साथ बातचीत में यह नहीं बताया कि उन्हें किसने नकदी देने की पेशकश की. Also Read - बिहार में मुस्लिम विधायकों को लेकर उथल-पुथल तेज, CM नीतीश के इस कदम से ओवैसी और कांग्रेस टेंशन में

कांग्रेस का आरोप है कि कर्नाटक में विधायकों को खरीदने के लिए भाजपा भ्रष्टाचार की रकम का इस्तेमाल कर रही है. प्रदेश भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताया है. वीडियो में महादेव ने दावा किया कि कांग्रेस के बागी विधायक रमेश जरकिहोली ने गठबंधन के साथ रहने के लिए 80 करोड़ रुपये की मांग की थी. Also Read - Rajya Sabha Election 2020: पासवान की राज्यसभा सीट से होगी भाजपा और जदयू के बीच भरोसे की परीक्षा

उधर, राज्य में कांग्रेस के दो विधायकों के इस्तीफे के बाद बचाव की मुद्रा में आए सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने बुधवार को भी उन्हें मनाने की कोशिशें जारी रखी और इस संकट का हल कर लेने के प्रति आशावादी दिखें. सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल कांग्रेस और जद(एस) के सूत्रों ने बताया कि और अधिक असंतुष्ट विधायकों के भाजपा से हाथ मिलाने की आशंका के मद्देनजर गठबंधन समन्वय समिति प्रमुख सिद्धरमैया और मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने स्थिति को काबू में करने के लिए उनसे संपर्क साधा. कुमारस्वामी अभी अमेरिका में हैं. Also Read - 'महाराष्ट्र में अगले 2-3 माह में सरकार बना लेगी बीजेपी, तैयारी हो गई है'

सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं ने व्यक्तिगत रूप से असंतुष्ट विधायकों से संपर्क किया और उन्हें मनाने की कोशिशें की. साथ ही, दोनों विधायकों को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए उन्हें मनाने की कोशिशें की जा रही हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने अभी तक ये इस्तीफे स्वीकार नहीं किए हैं. सोमवार को विजयनगर विधायक आनंद सिंह और गोकक विधायक रमेश जरकीहोली के इस्तीफे की घोषणा से 13 माह पुरानी एच डी कुमारस्वामी नीत कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार को दोहरा झटका लगा था. हालांकि, कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया ने कहा कि सिर्फ सिंह ने ही इस्तीफा दिया है और जरकीहोली का इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष तक नहीं पहुंचा है. जरकीहोली ने कहा था कि उन्होंने अपना इस्तीफा फैक्स से भेजा है और वह स्पीकर से जल्द ही मिलेंगे लेकिन बुधवार तक वह नहीं गए.

(इनपुट-भाषा)