बेंगलुरु: कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन कर्नाटक में जारी सियासी ‘खेल’ में अपनी हार स्वीकार करते दिख हुए रहा है. अपने बागी विधायकों को मनाने की दोनों दलों की कोशिश विफल होने के बाद माना जा रहा है कि आज कुछ ही देर बाद होने वाली मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी कैबिनेट की बैठक में कोई बड़ा फैसला हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक कुमारस्वामी सरकार आज इस्तीफे की पेशकश करने से साथ विधानसभा को भंग करने की भी सिफारिश कर सकती है. Also Read - Uttarakhand में मुख्यमंत्री बदलने की चर्चा तेज, त्रिवेंद्र सिंह रावत दिल्ली हुए रवाना

इस बीच गठबंधन सरकार के कई विधायकों के इस्तीफा देने के बाद उत्पन्न संकट के मद्देनजर गुरुवार को होने वाली महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक से पहले पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने विधान सुधा के आसपास धारा 144 लगाने का आदेश दिया है. धारा 144 लागू होने से विधान सुधा के आसपास दो किलोमीटर तक के दायरे में पांच से अधिक लोग इकट्ठे नहीं हो सकते और ना ही किसी प्रकार का कोई प्रदर्शन यहां किया जा सकता है. Also Read - Budget Session 2021: चुनावी जंग के बीच संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू, विपक्ष ने खूब किया हंगामा

पुलिस आयुक्त ने खुफिया जनकारी के आधार पर बुधवार की रात यह आदेश जारी किया. यह निषेधात्मक आदेश ऐसे समय में लागू किया गया है जब मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी 16 विधायकों के कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद गुरुवार को कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं. Also Read - संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा- हरियाणा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने को BJP-JJP विधायकों पर डालें दबाव

कांग्रेस के दो विधायकों आवास मंत्री एमटीबी नागराज और के. सुधाकर के बुधवार को इस्तीफा देने के बाद अब कुल 16 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के. आर. रमेश कुमार को अपना इस्तीफा सौंपा दिया है. हालांकि रमेश कुमार ने इस्तीफों को स्वीकार नहीं किया है और उनका कहना है कि वह पहले विधायकों से बात करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि 16 में से केवल पांच विधायकों के ही इस्तीफे उचित प्रारूप में हैं.

राज्य में ऐसे समय पर राजनीतिक घटनाक्रम हो रहा है जब शुक्रवार से यहां विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है. इस बीच, भाजपा ने कुमारस्वामी की सरकार के पास बहुमत ना होने का दावा करते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी की है. भगवा दल ने राज्यपाल से भी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है.

(इनपुट -भाषा)