नई दिल्ली. पाकिस्तानी सीमा में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई कार्रवाई के लिए मंगलवार को देश के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने वायुसेना को बधाई दी और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वे सरकार एवं अपने सुरक्षा बलों के साथ खड़े हैं. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल नेताओं ने सरकार एवं सुरक्षा बलों के साथ अपनी एकजुटता प्रकट की. Also Read - Indian Air Force Recruitment 2021: भारतीय वायु सेना में ऑफिसर बनने का गोल्डन चांस, जल्द करें आवेदन, 1.7 लाख मिलेगी सैलरी

बैठक के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, ‘‘बड़े आतंकी शिविर पर की गई कार्रवाई के बारे में आधिकारिक जानकारी देने के लिए मैंने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. इस बैठक में सरकार की तरफ से गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल तथा लगभग सभी प्रमुख दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि सभी लोगों ने एक सुर में वायुसेना को बधाई दी. फिर आतंकवाद के खिलाफ सरकार की ओर से की जाने वाली किसी भी कार्रवाई के समर्थन का आश्वासन दिया तथा पक्ष-विपक्ष का भेद किए बिना एकजुटता प्रकट की.’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने अपने जवानों के प्रयासों की सराहना की है और आतंकवाद के खात्मे में हम सदा अपने सुरक्षा बलों के साथ खड़े हैं.’’ Also Read - IAF AFCAT 2 Recruitment 2021: भारतीय वायुसेना में ऑफिसर बनने का सुनहरा मौका, जल्द करें आवेदन, 2 लाख से अधिक होगी सैलरी 

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने वायुसेना की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘एक अच्छी बात है कि यह बहुत ही सटीक अभियान था जिसमें स्पष्ट रूप से आतंकवादियों और आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया.’’ सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, माकपा के सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल, बीजू जनता दल के भर्तृहरि महताब, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला तथा कुछ अन्य नेता शामिल हुए.

गौरतलब है कि भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने मंगलवार को तड़के नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर पाकिस्तानी हिस्से में कई आतंकी शिविरों पर बमबारी की. यह कार्रवाई जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद द्वारा किए गए आत्मघाती हमले के ठीक 12 दिन बाद की गई है. पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे.

(इनपुट – एजेंसी)