नई दिल्ली: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने बिहार के लिए बड़ा ऐलान किया है. प्रशांत किशोर ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि 20 मार्च तक वह बिहार के 10 लाख लोगों को अपने साथ जोड़ने का अभियान चलाने जा रहे हैं. सबको लगा था कि प्रशांत किशोर आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कुछ ऐलान करेंगे, लेकिन प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं कोई नई पार्टी या चुनावी ऐलान नहीं करने जा रहा हूं. वहीं, उन्होंने ये भी कहा कि वह लोगों को जागरूक करेंगे. और बिहार में एक नई राजनीतिक शक्ति खड़ा करेंगे. प्रशांत किशोर ने कहा कि वह जब तक जीवित हैं, तब तक बिहार के लिए समर्पित रहेंगे. Also Read - बिहार के मुख्यमंत्री को जान मारने की धमकी, 25 लाख रुपये का रखा इनाम

प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने बताया कि उनकी मुहिम शुरू हो गई है. एक माह में 10 लाख लोगों को जोड़ना है. बिहार के हर गांव, हर पंचायत में जाकर जागरूक लोगों से पूछना भी है और बताना भी कि आखिर बिहार कैसे तरक्की कर सकता है. बिहार आखिर कैसे आने वाले कुछ समय में देश के 10 सबसे अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है. बिहार की 8800 पंचायतों में लोगों को उनकी बात सुनने के लिए चिन्हित करना है. ये पूरा कार्यक्रम ‘बात बिहार की’ (Baat Bihar Ki), नाम से शुरू होगा. उन्होंने कहा कि हमारा मकसद बिहार (Bihar) को देश के अच्छे राज्यों में शामिल करना है. Also Read - Covid-19: प्रशांत किशोर ने शेयर किया लॉकअप में बंद मजदूरों का वीडियो, मांगा नीतीश का इस्तीफा

प्रशांत किशोर ने सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर भी जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कब तक पिछड़ेपन के लिए कब लालू यादव (Lalu Prasad Yadav) पर निशाना साधते रहेंगे. आखिर कब तक तुलना करते रहेंगे. आखिर कब बताएंगे कि 15 सालों में सरकार चलाने के दौरान क्या किया. मैं ये मानने को तैयार नहीं हूं कि अगर नीतीश कुमार जैसा शख्स बिहार की तरक्की का ब्लू प्रिंट तैयार करके बिहार के लोगों के सामने रखेंगे तो ऐसा नहीं हो सकता कि बिहार के लोग उनकी बात न मानें. अगर हम गरीब राज्य हैं तो इसे आगे कौन करेगा. नीतीश कुमार 15 साल से शासन चला रहे हैं तो ये काम कौन करेगा. Also Read - बिहार के बाहर फंसे लोगों को दी जाएगी मदद, 100 करोड़ रुपये जारी: नीतीश कुमार

प्रशांत किशोर ने कहा कि आज बिहार में प्रति व्यक्ति आय के मामले में 22वें नंबर पर है. अगर 10वें पर पहुंचना है तो बहुत ज़्यादा तरक्की करनी होगी. ये कैसे होगा, ये बात कोई नेता क्यों नहीं बताता. मकसद ये नहीं है कि बिहार को कौन चलाएगा. मकसद ये है कि आखिर बिहार कैसे तरक्की करे.

प्रशांत किशोर ने कहा कि मेरा नीतीश कुमार से अच्छा रिश्ता है, मैं उनकी इज़्ज़त करता हूं. उन्होंने मुझे पार्टी से निकाल दिया है, इस पर कोई सवाल नहीं कर रहा हूं. मैं आज भी वही बातें कह रहा हूँ जो पार्टी में रहते हुए कहता था. नितीश कुमार लालू यादव अपनी तुलना बंद करें. वह बताएं कि बिहार कैसे तरक्की करेगा.

प्रशांत ने कहा कि अगर बिहार की तरक्की के लिए अगर नितीश कुमार भी साथ आना चाहते हैं तो आएं. उनका स्वागत है. नीतीश ट्विटर पर गुजरात के लोगों के लिए नहीं है. गुजरात के लोग भी ट्विटर चलाना बिहार से ही सीखे हैं. नितीश कुमार बिहार के लड़कों को ट्विटर को लेकर मज़ाक करते हैं.