नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय द्वारा अधिकार प्रदत्त प्रदूषण रोधी प्राधिकरण ईपीसीए ने सोमवार को कहा कि दिल्ली और उसके उपनगरीय इलाकों में ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन से चलने वाले उद्योग 13 नवंबर की सुबह तक बंद रहेंगे. पर्यावरण प्रदूषण (निरोधक एवं नियंत्रण) प्राधिकरण ने दिल्ली-एनसीआर में हॉट-मिक्स प्लांट्स और स्टोन क्रशर पर पाबंदी को भी बुधवार सुबह तक बढ़ा दिया है.

उच्चतम न्यायालय ने चार नवंबर को क्षेत्र में अगले आदेश तक निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक लगा दी थी. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में ईपीसीए प्रमुख भूरे लाल ने कहा कि कोयला और दूसरे ईंधन से चलने वाले उद्योग, जिन्होंने प्राकृतिक गैस या कृषि-अवशेषों का इस्तेमाल करना शुरू नहीं किया है, वो फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा, बहादुरगढ़, भिवाड़ी, ग्रेटर नोएडा, सोनीपत, पानीपत में 13 नवंबर की सुबह तक बंद रहेंगे.

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दिल्ली में जो उद्योग पाइप से आने वाले प्राकृतिक गैस ईंधन (पीएनजी) से नहीं चल रहे हैं वो भी इस अवधि के दौरान बंद रहेंगे. सोमवार को आयोजित एक समीक्षा बैठक में भारतीय मौसम विभाग ने सीपीसीबी के नेतृत्व वाले 10 सदस्यीय कार्यबल को बताया कि पश्चिमोत्तर से आने वाली हवाओं और पराली जलाए जाने के बढ़े मामलों की वजह से वायु गुणवत्ता बिगड़ी. मौसम विभाग ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता बुधवार तक खराब से गंभीर श्रेणी के बीच बनी रहेगी. विभाग ने कहा कि 13 नवंबर के बाद तेज हवाओं के चलने से प्रदूषण का स्तर घटेगा.