नई दिल्ली: देश की राजधानी में लगातार सोमवार को तीसरे दिन प्रदूषण का स्तर गंभीर बना रहा, जिसको लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने निर्माण कार्य और औद्योगिक गतिविधियों पर बुधवार तक के लिए रोक लगा दी. ईपीसीए अध्यक्ष भूरे लाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव विजय कुमार देव को लिखे एक पत्र में कहा, ‘दिल्ली के वजीरपुर, मुंडका, बवाना और नरेला के अलावा एनसीआर में साहिबाबाद और फरीदाबाद स्थित औद्योगिक केंद्र 26 दिसंबर तक बंद रहेंगे.’ दिल्ली में दिवाली के बाद से हवा काफी खराब हो गई है. देश की राजधानी की हवा की गुणवत्ता लगातार तीसरे दिन प्रतिकूल मौसमी दशाओं के कारण अत्यंत खराब की श्रेणी में बनी रही है.

वायु गुणवत्ता सूचकांक सोमवार को शाम चार बजे 448 रिकार्ड किया गया. ईपीसीए ने दिल्ली यातायात पुलिस को विशेष टीम तैनात कर खासतौर से चिन्हित गलियारे में निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. ईपीसीए ने कहा, ‘पुलिस विभाग को दिल्ली से बाहर के भारी वाहनों का परिचालन ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से सुनिश्चित करना चाहिए.’ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर ईपीसीए ने संबंधित एजेंसियों को अवैध उद्योगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने, जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज करने और प्रदूषण नियंत्रण कार्य के लिए पूरी कोशिश करने को कहा है.

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एनसीआर में 48 निगरानी केंद्रों में पीएम-2.5 और पीएम-10 का स्तर सोमवार को शाम सात बजे क्रमश: 395 और 562 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया. राष्ट्रीय मानक के अनुसार, हवा में पीएम-2.5 की सुरक्षित सीमा 60 इकाई जबकि अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुसार, 25 इकाई है. वहीं, पीएम-10 की सीमा राष्ट्रीय मानक के अनुसार, 100 इकाई तक सुरक्षित मानी जाती है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुसार, 50 इकाई. दिल्ली एनसीआर में हवा की गुणवत्ता मंगलवार को गंभीर स्तर से भी ज्यादा खराब रहने की संभावना है.