नई दिल्ली: प्रदूषण नियंत्रण की सारी कवायदों के बाद भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली हवा की गुणवत्ता संभलने का नाम नहीं ले रही है. हालांकि शनिवार को प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हुआ है लेकिन यह अभी भी ‘बहुत खराब‘ की श्रेणी में बना हुआ है.

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 346 दर्ज किया गया जो ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में आता है. वजीरपुर इलाके को ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता में जबकि 34 अन्य इलाकों को ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में रखा गया है. वहीँ दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने मध्य रात्रि में निरीक्षण के दौरान एमसीडी पर 5 लाख रूपये का जुर्माना लगाया है.

हवा में निलंबित कण या पीएम 2.5 का स्तर 175 दर्ज किया गया. यह कण पीएम 10 से भी छोटे होते हैं और सेहत को ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं. केन्द्र द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एवं अनुसंधान प्रणाली (एसएएफएआर) के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में पीएम10 का स्तर 302 पर बना हुआ है. एसएएफएआर के अनुसार पांच नवम्बर से प्रतिकूल मौसम के हालात होने की आशंका से वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में आ सकती है. पर पांच नवम्बर तक हालात ऐसे ही बने रह सकते है.

उन्होंने बताया कि दिल्ली में पीएम 2.5 प्रदूषण का दस फीसदी हिस्सा, पराली जलाने से आया है. गौरतलब है कि सूचकांक शून्य से 50 तक होने पर हवा को ‘अच्छा’, 51 से 100 होने पर ’संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘सामान्य’, 201 से 300 से ‘खराब’, 301 से 400 तक ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है. (इनपुट एजेंसी)