नई दिल्ली: दिल्ली की वायु गुणवत्ता मंगलवार को और भी खराब होकर ‘बेहद खराब श्रेणी’ में दर्ज की गई. अधिकारियों ने आशंका जाहिर की है कि अगले दो दिनों में प्रदूषण स्तर में और बढ़ोतरी होगी. Also Read - Pollution Impact On Eyes: प्रदूषण का आंखों पर होता है बुरा असर, डॉक्टर्स ने दिए बचाव के Tips

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के डेटा के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 355 रहा जो कि ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में आता है. 100 से 200 तक के एक्यूआई को ‘मध्यम’, 201 से 300 तक के एक्यूआई को ‘खराब’, 301 से 400 तक को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 तक को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है. Also Read - Pollution Diet For Health: दिल्ली में लगातार बढ़ रहा है प्रदूषण, ऐसे में जानें सेहत और डाइट का कैसे रखें खास ख्याल

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केंद्र चालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली (सफर) के मुताबिक, दिल्ली की वायु गुणवत्ता सोमवार को ‘खराब श्रेणी’ में पहुंच गई थी और प्रदूषण स्तर के और अधिक बढ़ने की आशंका जाहिर की गई थी. सफर ने कहा, ‘‘ कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी भारत के हिस्से में समुद्र स्तर से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर है. इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव की वजह से अतिरिक्त नमी और हवा के भारी होने की वजह से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में और गिरावट हो सकती है.’ सफर ने कहा कि हवा में अतिसूक्ष्म कणों पीएम 2.5 का स्तर 190 दर्ज किया गया और पीएम 10 का स्तर 335 रहा.

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सीपीसीबी ने मंगलवार को कहा कि जहांगीरपुरी, मुंडका और नेहरू नगर में प्रदूषण का स्तर गंभीर रहा. वहीं राष्ट्रीय राजधानी के 30 स्थानों पर वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई. सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद, फरीदाबाद और नोएडा में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ रही जबकि गुड़गांव में यह ‘खराब’ श्रेणी में रही.