भुवनेश्वर/नई दिल्ली: सीबीआई ने सीशोर ग्रुप ऑफ कंपनीज की संलिप्तता वाले करीब 1000 करोड़ रुपए के पोंजी घोटाले की जांच के तहत ओडिशा के विधायक एवं पूर्व पर्यटन मंत्री देवी प्रसाद मिश्रा और अन्य लोगों के आवास समेत आठ स्थानों पर शुक्रवार को छापेमारी की. सीबीआई टीम करीब दो घंटे तक उनके घर में रही. Also Read - पुलिसकर्मी की पिटाई का केस: कोर्ट ने महाराष्ट्र की मंत्री को सुनाई सख्‍त सजा, जुर्माना भी लगाया

सीबीआई दलों ने कटक और भुवनेश्वर में मिश्रा के आवासों और उनके भाई विष्णु प्रसाद मिश्रा एवं पूर्व पर्यटन निदेशक रवि नारायण नंदा के आवासीय परिसरों एवं कंपनी के परिसरों पर छापेमारी की. एजेंसी ने महाराष्ट्र के ठाणे (पश्चिम) में स्वास्तिक इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रशांत कुमार पटनायक के आवासों पर भी छापे मारे. Also Read - बिहार के मंत्री विनोद कुमार सिंह का कोविड-19 के बाद की समस्याओं के कारण निधन

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने सीशोर ग्रुप ऑफ कंपनीज के खिलाफ सभी 23 मामलों को मिलाकर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. सीबीआई ने घोटाले के संबंध में कई आरोप पत्र भी दायर किए हैं. अधिकारियों ने बताया कि सु्प्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ”और बड़े षड्यंत्र” का पता लगाने के लिए आगे की जांच के तहत ये छापे मारे गए. Also Read - ओडिशा: भुवनेश्वर में राजभवन के पास आईओसी के पेट्रोल पंप पर लगी भीषण आग, 8 लोग जख्मी

सूत्रों ने बताया कि सीशोर ग्रुप को महानदी बोटिंग परियोजना दिए जाने के बाद से मिश्रा विवादों में घिर गए हैं. उस समय मिश्रा ओडिशा के पर्यटन मंत्री थे.

कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण घर पर पृथक-वास में रह रहे मिश्रा ने कहा कि यह छापेमारी नहीं थी और अधिकारी केवल कुछ दस्तावेज चाहते थे. पूर्व पर्यटन मंत्री ने सीबीआई अधिकारियों के उनके आवास से बाहर जाने के बाद कहा, ”उन्होंने मुझसे परियोजना के दस्तावेजों के बारे में पूछा और मैंने उन्हें बताया कि ये दस्तावेज मेरे पास नहीं, बल्कि विभाग में हैं.”

विधायक मिश्रा ने कहा कि उन्होंने सीबीआई को पूरा सहयोग दिया. बीजद नेता ने कहा कि उन्हें सीबीआई के उनके घर आने के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी. सूत्रों ने बताया कि सीबीआई टीम करीब दो घंटे तक उनके घर में रही.